For Any Problam Contect मुकेश जैन 9829427938 और आपके जिले के प्रतिनिधि से सम्‍पर्क करे जिसका नम्‍बर जिले के फोल्‍डर मे दे रखी है Our NRHM Union's Other Web - crarajasthan.hpage.in craunion.hpage.com nrhmphs.hpage.co.in Email - nrhmdeo@gmail.com, crarajasthan@gmail.com

 

 

जय सावरिया सेठ की              जय महावीराय नमो            जय जगदम्‍बे मात की 

 

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WEL COME TO THIS PAGE ....................

आप सभी ऑपरेटर्स से निवेदन है कि आपने अगर अपने जिले या कुछ साथ्यिो द्वारा वेतन कम किया गया है और उनके द्वारा कोर्इ भी कार्यवाही की गई हो तो सूचना देवे और कोर्ट केस किया हो या करने की योजना बना रहे है तो सूचना मेल पर देवे जिससे सभी को जानकारी दी जा सके और कोर्ट केस मे अधिक से अधिक व्‍यक्ति जुड सके

vvvv

1 ही बात सीधा समायोजन करों........... 


Dated - 08-02-14 >>> (न्यूज़ - 3 ) E-MAIL ID - crarajasthan.gmail.com

वेबसाइट- www.craunion.hpage.com

मेनेजमेंट केडर के प्रतिनिधीयो द्वारा इन्फोर्मेशन अनुसार GNM की लिस्ट 5,10,15 % के से कभी भी आ सकती है इसलिए आप से रिक्वेस्ट है की सभी एक जुट हो जाये और भरतपुर में दिनाक 10.02.14 को CM मेडम से मिलने हेतु आये ....यदि उसके बाद भी कोई हल नहीं निकलता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी जाएगी ...इसलिए मेनेजमेंट केडर के सभी साथियों से रिक्वेस्ट है की आप भरतपुर आये

for Bharatpur contact to ;----- 

Pappu Choudhary 9829277950

Shahbaz Khan - 9602410354

 

 

 


Dated - 08-02-14 >>> (न्यूज़ - 2 ) E-MAIL ID - crarajasthan.gmail.com


दोस्तों भरतपुर चलने के लिए तैयार रहे ...ये तारीख 10 फरवरी भी हो सकती है ...


कुछ लोग आपको भरतपुर आने से रोकेगे ये स्वार्थी लोग वो है जिनके प्रतिशत जायदा है या 5,10,15 % करवाने वाले लोग है इसलिए आपको इन लोगो की बातो में नहीं आना है, सबकी भलाई 10,20,30 % से या समायोजन में ही है ,इसलिए अब अपने को भूख हड़ताल करनी ही होगी ,अनशन करना ही होगा ..आप सब तैयार रहे भरतपुर आने के लिए ...


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Dated - 08-02-14 >>> (न्यूज़ - 1 ) E-MAIL ID - crarajasthan.gmail.com

Dated 06-02-14 Meeting & धरने की न्यूज़ :---

आज 06-02-14 को सभी nrhm के मेनेजमेंट केडर bpm, अकाउंटेंट, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर & आशा सुपरवाइजर केडर के प्रतिनिधी 5,10,15 % के विरोध में ऊद्योग मैदान में इक्कटा हुवे क्योकि रेली की परमिशन 05-02-14 को, रात में निरस्त कर दी गयी थी.इसलिए सभी को आने से मना कर दिया केवल जयपुर के पास के जिलो के कार्मिको को ही बुलाया गया और ऊद्योग मैदान में धरना शुरू किया गया , 6 घंटे के धरने के बाद, सरकार की तरफ से बुलावा आया और डेलिगेशन के 5 सदस्य विधानसभा में चिकित्सा मत्री जी से शाम को 7 बजे मिले .  

उनको बताया गया की आपके द्वारा जो मेनेजमेंट केडर की भर्ती की जा रही है उनमे मेनेजमेंट केडर के 95% कार्मिक बाहर हो रहे है तो चिकित्सा मंत्री जी ने कहा की 95% नहीं 80% बाहर हो रहे है इसकी मुझे जानकारी है और हम इस बारे में देख रहे है........

कमेन्ट:--- निष्कर्ष निकालने पर ये बात सामने आती है की चिकित्सा मंत्री जी रुझान 5,10,15 % से भर्ती का ही था... इसलिए आप सभी से रिक्वेस्ट है की हमें बहुत लम्बी लड़ाई लड़नी है इसलिए हमें एक जुट होना होगा कोई बात नहीं आप इस मीटिंग में नहीं आ पाए ...

आगे की रणनीति जल्द ही बनाई जाएगी हम किसी भी कीमत पर 5,10,15 % से भर्ती नहीं होने देगे ...हम भी किसी से कम नहीं है ....बस हमे एक जुट होने की जरुरत है ..

आप वेबसाइट www.crarajasthan.hpage.com के सम्पर्क में रहे ...

और आप अब अगर 5-7 साल ‘’अल्प वेतन’’ में काम करने के बाद अपने हाथ आये नियमितीकरण के मोके को अपनी लापरवाही से गवा दोगे तो आप जेसा मुर्ख इस दुनिया में दूसरा कोई हो ही नहीं सकता है ...

आप को बस इतना करना है की अपने में जोश भर कर यूनियन के आह्वान पर जहा बुलाये वहा आना है ...चाहे वो जगह जयपुर या भरतपुर ...आप साथ देगे तो यूनियन किसी भी हद तक जाएगी ...चाहे आमरण अनशन ही करना पड़े ..हम करेगे ...बस आप साथ देवे और अपने घरो से निकले...बरदाशत करोगे तो आपका हक़ कोई और ले जायेगा...अभी नहीं तो कभी नहीं ..

जय हिन्द, जय मेनेजमेंट यूनियन

 


Dated - 07-02-14 >>> (न्यूज़ - 1 ) E-MAIL ID - crarajasthan.gmail.com

सरकार को पता है की 15 बोनस अंक से 70 से 80% सविदा कार्मिक बाहर हो रहे है ********

पर जो सविदा कार्मिक बाहर हो रहे है उनके लिए क्या प्रकिया अपनाएगी ये नहीं बताया सबका नियमितीकरण केसे होगा ?????

 



 

 मध्‍यप्रदेश सरकार ने संविदा कार्मिको के वेतन बढाया गया है जिसकी ऑडर देखने के लिये क्लिक करे

मध्‍यप्रदेश मे संविदा कार्मिको का वेतन बढा

सभी राजस्थान अस्थाई कार्मिको से अनुरोध सभी इसको इतना शेयर करे की पुरे देश की जनता हमारी एकता को जान सके और राजस्थान सरकार सोचने पर मजबूर हो जावे . कमेंट करे और अपने विचार देवे .

 

 

https://docs.google.com/file/d/0B-u_YnGrhCHAVnZqZk9xQld2aXc/edit



 

 

 


DATED >>24-12-2013 

अगर ये न्यूज़ सच हो तो कितना अच्छा हो .......की अपनी भर्ती भी 60 दिन के प्लान में आ जाये ........


Date  12:12:2013

 

दिनांक - 12/12/2013 -  साथियों आज दिनभर News Today समाचार पत्र का मुख्य प्रष्ठ (http://newstoday.epapr.in/197390/Newstoday-Jaipur/12-12-2013#page/1/2) सुर्खियों में रहा. इसका कारण भी बहूत अधिक आकर्षित करने वाला था. जिसमे कहा गया था की नई सरकार लोक सभा के चुनावो से पहले ही अटकी हुयी भर्तिया पूरा करना चाहती हैं. हम सभी लोग नई सरकार की इस सोच के लिए उनका तहे दिल से धन्यवाद देते हैं.
साथियों यदि सरकार इस भर्ती को पूरा करने के लिए एक कदम आगे बढाती हैं तो हमें भी दस कदम बढाने होंगे जिस से यह भर्ती जल्द से जल्द हो सके. सिर्फ 3 महीने का समय हैं हमारे पास इस भर्ती को पूरा कराने के लिए.
हम एक सुनियोजित तरीके से इस काम को अंजाम दे सकते हैं. जिसके लिए में अपने कुछ व्यक्तिगत विचार आपके समक्ष प्रस्तुत करना चाहूँगा.
 
1. संगठित हो - (एन आर एच एम + मनरेगा + शिक्षा + पंचायती राज + नगर निकाय + बेरोजगार) सभी कैडर + सभी गुट  
2. योजना बनाये - बड़ी संख्या में लगातार जन प्रतिनिधियों व उच्च अधिकारियो से संपर्क करने व मिडिया का सहयोग लेने हेतु    
3. सुनियोजित क्रियान्वयन करे - हर एक संविदा कर्मचारी अपना अपना व्यक्तिगत स्वार्थ त्याग कर योगदान दे    
4. सफलता प्राप्त करे - नियमितीकरण का लक्ष्य प्राप्त करे 

 

5. नई सरकार को केंद्र में सरकार बनाने में मदद करे - अपने ऊपर हुए इस परम उपकार का प्रतिफल दे

E TV Rajasthan Live dhekhe. _Click below to open site http://www.news18.com/live-tv/etv-rajasthan

 

Date 20/11/2013

 

************** BJP घोषणा पत्र  2013 *************


NRHM , नरेगा , विद्यार्थी मित्र ...और अन्य सविदा कर्मियों के लिए घोषणा

Click below to open BJP घोषणा पत्र  या कॉपी करके, एड्रेस बार में ,पेस्ट  करे.

http://www.vasundhararaje.in/wp-content/uploads/2013/11/suraj-sankalp-patra.pdf

Gosana patra ke pege no. 37 par savidha worker ke liye parmanent karne ke liye likha hai aap click karke download kar sakte hai 

 


सुचना सहायक यूनियन की वेबसाइट _

Click below to open site या कॉपी करके, एड्रेस बार में ,पेस्ट  करे.

http://www.rajitunion.com/

 

 


 

 

 

Happy Diwali All Friend's 


 


 

 

विद्वान साथियों, SC केस पर विचार............

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अनुभव वालो को अनुभव का लाभ मिलेगा या नहीं ....इस संम्बंध सुप्रीम कोर्ट में एक क़ानूनी बिंदु पर विचार होगा ...और वह यह हैं की अनुभव धारी अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाए या सिर्फ योग्यता को या योग्यता को अनुभव के साथ महत्व दिया जाये या फिर योग्यता को रखते हुए अनुभव की अनिवार्यता की जावे ??????? एक बात और बता दे की अनुभव और साक्षात्कार में रात और दिन का फर्क होता हैं .. साक्षात्कार को कुल अंको के 15% से अधिक का नहीं होने के दायर में सिमित किया गया हैं परन्तु अनुभव को सिमित नहीं किया गया हैं .. सुप्रीम कोर्ट का अनुभव वेटेज लाभ का फैसला न सिर्फ हमें प्रभावित करेगा बल्कि यह एक एतिहासिक फैसला माना जाएगा ...कैसे ??? इस सवाल का जवाब देने से पहले हमें यह जान लेना होगा की वर्तमान प्रचलित नियम और व्यवस्था क्या हैं अनुभव को लेकर .......तो हम आपको बता देते हैं की वर्तमान प्रचलित नियम और व्यवस्था अनुभव वाले को 100% प्राथमिकता देने का चल रहा हैं और यह नियम न सिर्फ देश की सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा हैं बल्कि देश की तीनो सेनाओं के अध्यक्षों को भी अनुभव के अनुसार चुना जाता हैं, सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी, पुलिस IG और देश के CBI निदेशक, चुनाव आयोग निदेशक, देश में होने वाले अधिकारियों व् कर्मचारियों के प्रमोशन और वे सारे पद जो स्वायत (Autonomies) प्रकृति के नहीं हैं, इन सब में अनुभव धारी अभ्यर्थी को ही 100% वेटेज का लाभ दिया जा कर लिया जा रहा हैं......................यदि सुप्रीम कोर्ट ने अनुभव के बोनस अंक देने से मना किया तो क्या होगा????????/.....अब अनुभव बोनस अंक क़ानूनी बिंदु का मामला बन गया हैं यदि कोर्ट ने अनुभव अंक देने से मना किया तो यह देश के लिए एक एतिहासिक फैसला होगा और सविधान के अनुच्छेद 14 और 16 की रक्षार्थ होगा .यह फैसला उपर वर्णित सभी पदों को प्रभावित करते हुए देश के सभी राज्यों को प्रभावित करेगा और देश में अनुभवधारीयो का महत्व समाप्त हो जाएगा....और यदि ऐसा होगा तो क्या होगा ??? यह हर कोई समझ सकता हैं !!!!
इसलिए यदि राज्य सरकार ने सुप्रीम में यह दलील ली होगी की अनुभव प्रचलित नियम और व्यवस्था के अनुसार श्रेष्ठ कार्मिको की नियुक्ति के लिए दिया गया है, जहाँ पर देश की विभिन्न सरकारी नियोक्ता एजेंसीज 100% अनुभव वेटेज लाभ देती हैं, वहां पर राजस्थान सरकार ने अनुभव वेटेज लाभ को मात्र 30% तक सिमित किया हैं यदि राजस्थान सरकार चाहती तो सभी 100% अनुभव धारी अभ्यर्थियो को लेने के बाद ही फ्रेसर को नियुक्ति में लाभ दे सकती थी >>>>>……………………………..यह सब बाते हम पूर्व में अपने पोस्टो में हम बता चुके हैं ....तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला 101% हमारे पक्ष में होगा ....आप हमारी बात का सत्यापन करने के लिए हमारे पूर्व पोस्ट को किसी जानकार वकील को बताकर पूछ सकते हैं ...


DATED 10-10-2013 -

विद्वान साथियों, सविदा कर्मियों को आपस में लड़ाने की साजिश है सरकार की , आप खुद ही देख लीजिये - सरकार दिल्ली में कहती है की 15 बोनस अंक के लिए CS साहब से बात कर लो,  CS साहब कहते है , की SC का निर्णय आने दो, और इस बीच नर्सिग कार्मिक और मैनजमेंट कार्मिक के बीच कड़वाहट बढ़ रही है , जब एक ग्रुप केवल अपने बारे में सोचे और दुसरे ग्रुप को नज़रअंदाज कर देवे तो यही होता है.

 

आप नर्सिंग कार्मिक 8000 हो तो इतने ही  करीब - करीब 8000 हज़ार ही मैनजमेंट केडर  (DATA 

 

ENTRY OEPRATOR, ACCOUNTANT,ASHA SUPERVISOR, BPM,DPM )  के कार्मिक भी आपके साथ कंधे

 

से कन्धा मिलाकर अपना - अपना काम कर रहे है , आपको पता है की इतने परिवार भी आस लगाये बेठे है ,पर फिर भी

नर्सिग यूनियन ने केवल अपने भले की सोची और उनके बला से दुसरे केडर के कार्मिक जाये भाड़

 

में.

इतना सवार्थी  भी कोई हो सकता है क्या ? आप खुद देख लीजिये और आने वाले समय के लिए

 

इस केडर से सतर्क रहे.

 

जो केडर अपने को बेरोजगार करने के लिए >> इस हद तक जा सकता है ..

उससे भविष्य में भी सतर्क रहने की आवश्यकता है , बाकि आप खुद समझदार है .


एक बात और - 1 दिसम्बर ,2013 को आप वोट जरुर दीजिये और वोट किस को देना है जिसने

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अपना खून जलाया उस

 पार्टी को , जिसने अपने को नियमित करने के केवल सपने दिखाए , उस पार्टी को

?????........वोट देने का मोका पाच साल में एकबार आता है ये एक दिन अपना होता  है , उस दिन का उपयोग जरुर करे और बहुत 

सोच समझ कर करिए.

DATED 10-10-2013 -

अभी अभी जयपुर से न्यूज़ मिली है कि CS साहब ने नर्सिंग कार्मिको की मांग --15 बोनस अंक से भर्ती की, ख़ारिज की ..........

उन्होंने कहा की SC का निर्णय आने दो ........... सरकार को SC ने चार सप्ताह में जवाब मागा है, सरकार को जवाब देने

दो, और sc का निर्णय ही मान्य होगा..इससे साफ हो गया है कि एनआरएचएम व अन्‍य संिवदा कार्मिको की भर्ती अब नई सरकार के आने

के बाद ही होगी और सभी की नियुक्ति नर्सिग कर्मी हो या मेनेजमेन्‍ट कर्मी सभी को एक साथ ही नियुक्ति मिलेगी 

व्यतिगत विचार - इससे साबित होता है कुछ लोग अपने स्‍वार्थ्‍य की खातिर दूसरो के बारे मे नही सोचते है लेकिन दूसरो के लिये बुरा करने वालो का भी भला नही होता है इसलिये हमे सभी के भले के बारे मे सोचना चाहिये ना कि सिर्फ एक केडर के बारे मे ही 

DATED 09-10-2013 -

नरेगा केस का आर्डर ..इसमें यही बताया गया है की जो कार्मिक लग चुके है उनको नहीं हटाया जाये ...

व्यतिगत विचार - जिन कार्मिकों को नियुक्ति मिल चुकी है राज्‍य सरकार मेरिट में उनको देय अंकों से किसी तरह की छेडछाड न करे अर्थाथ कोट से निर्देश के बिना सरकार मेरीट मे किसी प्रकार का संसोधन नही कर सकती यानी मेरीट की स्थिती जेसे पहले थी वेसे ही रहेगी.

नियुक्ति मिल चुकी उन्‍हें न हटाये अर्थात जब तक कोट के द्धारा कोई निर्देश प्राप्‍त नही होते तब तक आप यथा स्थिती बनाये रखे. क्‍या कोट ये कहेगा जिन कार्मिको ने साथ साथ 5 साल तक कार्य किया कुछ जो लग गये है वो लगे रहेगे व बाकी को घर भेज दो ऐसा अन्‍याय भरा निर्णय कोट नही दे सकताा कोट ये कभी नही कहेगा की जो लग गये है वो 30 अंको से व बाकी बचे हुऐ लोगो को 15 से मेरीट बना ले ये केसे सम्‍भव है की एक ही भर्ती मे दो अलग अलग बोनस अंको के आधार पर भर्ती की जाये ? जो नही लगे उनका कसुर क्‍या ? भर्ती प्रक्रिया सरकार पुरी नही कर पाई उसमे वंचित कार्मिको का दोष क्‍या ?अगर समय पर कार्मिको नियुक्ति दी जाती तो वो नियुक्ति नही लेते क्‍या ?
फैसले के दुसरे पहलु को देखा जाये तो कोट को कुछ तो सकारात्‍मक पहलु लगा है तभी तो कहा है नियुक्ति मिल चुकी उन्‍हें न हटाये बाकी बचे कार्मिको के लिए भी अगली सुनवाई मे कोट कुछ न कु्छ फैसला देने की सम्‍भावना है. 


DATED 08-10-2013 -{ NEWS -  4} Time - 05.50 PM.

सूत्रों से न्यूज़ के अनुसार आज केवल नरेगा की सुनवाई हुई है और NRHM की सुनवाई 21/10/13 को है ..

अब और इन्तजार ....


NRHM CASE HEARING DATE - 21-10-2013

SUPREME COURT OF INDIA

COURTNICREGISTERED

This Diaryno. is converted

to:Special Leave to Petition

(Civil)...18480OF2013


Status of:Special Leave to Petition (Civil)...18480OF2013

DEVARAM CHOUDHARY.Vs.STATE

OF RAJASTHAN & ORS.

Pet. Adv.:MS. AISHWARYA BHATI


Subject Category:SERVICE

MATTERS-RECRUITMENT/ TRANSFER/COMPASSIONATE

APPOINTMENT


Arising From:SBCWP 9352/13OFHIGH COURT OF RAJASTHAN AT JODHPUR


Next Date of listing is:21/10/2013

Last updated on Oct 8 2013 

BackNIC


DATED 08-10-2013 -

 

 

साथियो नमस्‍कार आज सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर सुनवाई हुई जिस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की गंभीरता

 

 

को देखते हुए इस आश्‍य का स्‍टे दिया है कि जिन कार्मिकों को नियुक्ति मिल चुकी है राज्‍य सरकार मेरिट में उनको देय

 

 

अंकों से किसी तरह की छेडछाड न करे तथा उन्‍हें न हटाये साथ ही वंचित रहे कार्मिकों के संदर्भ में यह बताया कि

 

आगामी सुनवाई में इस संदर्भ में निर्णय लिया जावेगा

 

 

 

DATED 29-09-2013 -{ NEWS -  1} TIME - 09.44 AM .}

UNION WEB PAGE - http://crarajasthan.hpage.in

UNION E MAIL ID - crarajasthan@gmail.com

NRHM/MMJRK,RMRS DEO/Co...ke liye Sandesh.

kal Meeting Fix hai....Aap bhari Sankhya me Jaipur aaye ...Taki Kal yani Somwar ko hi Documents Verification karwane ki date , Adhikariyo par Dabaw kar li ja sake...

Ab apne pass time nahi bacha hai, isliye Apne pass LAST CHANCE hai.....to aap KAL Jaipur Bhari Sankhya me aaye....

Kal Jaipur aaye...aur Jaldi se jaldi Documents Verification karwane ka dabaw banye....

Apne Sukhd Future ke Liye Jaipur aaye.....Sab aaye aur apne sathi bhayio ko lekar aaye..

 

सुप्रीम कोर्ट जायेगी सरकार , किसी भी कार्मिक को निराश होने की कोई जरुरत नहीं है,क्योकि सरकार अपने साथ है और सरकार इस भर्ती को किसी भी तरह से पूरा करने के मुड में है , अपना काम केवल इतना है किसी भी तरह से डॉक्यूमेंट VERIFCATION करवाया जाये...ताकि जल्दी से जल्दी जोइनिंग हो सके...

 

 दिनांक 25 सितम्‍बर 2013 को हाई कोर्ट जोधपुर के नर्णिय के अनुसार संविदा वालो को अधिकतम कार्यानुभव के 15 अंक बोनस दिये जा सकते है 

ऑडर की प्रति के लिये यहा क्लिक करे  हाई कोर्ट नर्णिय 25 सितम्‍बर 2013

DATED - 25-09-13 { NEWS - 2 } 

COURT DECSION ...CLICK TO DOWNLOAD

 

https://docs.google.com/file/d/0B3UQ5bpRXwSUb2VnR2VhWkkzRG8/edit

 

https://docs.google.com/file/d/0B3UQ5bpRXwSUR0RVa2c4UGNLZ2s/edit

 

 LIVE ETV DEKHE 

http://etvlivetvs.blogspot.in/2013/07/watch-etv-rajasthan-live-streaming.html

ETV NEWS 

 

 

VERY VERY BED NEWS

वरिष्ठ न्यायाधीश श्री गोविन्द माथुर व न्यायाधीश श्री वियज विश्नोई जी की खंडपीठ ने फैसला सुना दिया है

 

प्रति वर्ष 5 % अधिकतम 15 % बोनस अंक होंगे ........

DATED - 25-09-13  TIME  - 11.41 AM.

बुधवार को दिनांक 25/09/2013 को जोधपुर हाई कोर्ट द्वारा अपने केस पर फैसला सुनायकहैं. 

-1-

IN THE HIGH COURT OF JUDICATURE FOR RAJASTHAN

AT JODHPUR.

J U D G M E N T

(1) S.B.CIVIL WRIT PETITION NO.4144/2013

(Archana Vs. State of Rajasthan & Ors.)

(2) D.B.CIVIL SPECIAL APPEAL NO.630/2013

In

S.B.CIVIL WRIT PETITION NO.4144/2013

(State of Rajasthan & Ors. Vs. Archana & Anr.)

(3) S.B.CIVIL WRIT PETITION NO.9780/2013

(Virendra Ragwani Vs. State of Rajasthan & Ors.)

(4) S.B.CIVIL WRIT PETITION NO.10236/2013

(Ranveer Deharu & Ors. Vs. State of Rajasthan & Ors.)

(5) D.B.CIVIL WRIT PETITION NO.5583/2013

(Nagendra Singh Chouhan Vs. State of Rajasthan & Ors.)

DATE OF JUDGMENT :: 25th September, 2013

P R E S E N T

HON'BLE MR.JUSTICE GOVIND MATHUR

HON'BLE MR.JUSTICE VIJAY BISHNOI

Mr. G.S.Bafna, Advocate General assisted by

Mr. Sarvesh Jain; and

Mr. G.R.Punia, Additional Advocate General assisted by

Mr. Mahendra Choudhary.

Dr. P.S.Bhati and Dr. Nupur Bhati, counsels for the petitioners in

SBCWP No.4144/2013.

Mr. Ashok Chhangani, Mr. M.S.Godara and Mr. R.S.Choudhary,

counsels for the petitioners in SBCWP Nos.9780, 10236 and

5583 of 2013).

.....

BY THE COURT :(PER HON'BLE GOVIND MATHUR,J.)

REPORTABLE

By 73rd amendment of the Constitution of India, a

constitutional status was conferred on Panchayati Raj

Institutions as the third stratum of governance. The amendment

aforesaid was a landmark step to satisfy directives of the State

-2-

Policy enshrined under the Constitution. With an object to bring

a law relating to Panchayati Raj Institution in conformity with the

constitutional status granted to such institutions, the Rajasthan

State Legislature enacted Rajasthan Panchayati Raj Act, 1994

(hereinafter referred to as ‘the Act of 1994’). The Act of 1994 is

a complete code of governance through Panchayati Raj

Institutions in rural area of the State.

Section 78 to Section 84 of the Act of 1994 deals

with appointment and deputation of officers and staff, while

Section 89 deals with the formation of service for the Panchayati

Raj Institutions in the name of “Rajasthan Panchayat Samiti and

Zila Parishad Service”. Section 90 deals with the constitution and

functions of District Establishment Committee and Section 91

pertains to discipline among the members of the Panchayat

Samiti and Zila Parishad service.

Section 102 of the Act of 1994 empowers the State

Government to make Rules to carry out objects and the

purposes of the Act. Exercising this power, the State of

Rajasthan framed “The Rajasthan Panchayati Raj Rules, 1996”

(hereinafter referred to as the ‘Rules of 1996’). Chapter XII of

the Rules of 1996 relates to the recruitment of staff for the

Panchayati Raj Institutions and to regulate other service

conditions for the employees.

-3-

A complete procedure required to be adhered while

making direct recruitment to the Rajasthan Panchayat Samiti

and Zila Parishad Service is given in Rules 270 to 277. As per

Rule 270, the District Establishment Committee on receiving

requisitions for direct recruitment by the Panchayat Samiti or the

Zila Parishad, as the case may be, shall invite applications

through open advertisement in daily newspaper having wide

circulation. The application as per Rule 271 is required to be

made in a format prescribed by the District Establishment

Committee. After scrutiny of the applications, the District

Establishment Committee is required to conduct written test for

all categories of service except for Class-IV service and for the

post of Drivers. The written test aforesaid is to be conducted as

per the procedure given in Rule 273 of the Rules of 1996. At the

time of introduction of the Rules, the Rule 273 was in the

following terms :-

“Rule 273. Written test.- The Committee

may hold a written test for all categories of

service except drivers and class IV. [The

examination shall be conducted as per

directions of the State Govt. The syllabus for

competitive examination for direct recruitment

to the post of [School teachers class 1 to 5

shall be as specified in Schedule II and

Teachers classes 6 to 8 shall be specified in

schedule III.] D.E.C. Will prepare the merit list

on such basis:

-4-

Provided that selections for the various posts

shall be made in accordance with the general

directions given by the State Government from

time to time in this respect. It may not be

necessary to call the candidate for interview if

so provided in those directions.”

A second proviso was added to Rule 273 under a

notification dated 11.5.2011 and that reads as under :-

“Provided further that for the recruitment of

Teachers Classes 1 to V and VI to VIII, the

District Establishment Committee shall prepare

merit list on the basis of marks obtained in

written test and adding 20% of marks obtained

in Teacher Eligibility Test.”

An amendment was further made in Rule 273

aforesaid by introducing a new proviso vide the Government of

Rajasthan notification dated 17.12.2012, however, the same was

re-amended by the Rajasthan Panchayati Raj (Amendment)

Rules, 2013 notified under a notification dated 29.1.2013 and

the existing second proviso reads as under :-

“Provided also that in case of appointment to

the post of Lower Division Clerk, merit shall be

prepared by the Appointing Authority on the

basis of such weightage as may be specified by

the State Government for the marks obtained

in Senior Secondary or its equivalent

-5-

examination and such marks as may be

specified by the State Government having

regard to the length of experience exceeding

one year acquired by persons engaged on the

post of Junior Technical Assistant (J.T.A.),

Junior Engineer, Gram Rozgar Sahayak, Data

Entry Operator, Computer Operator with

Machine, Lekha Sahayak, Lower Division Clerk,

Co-ordinator IEC, Coordinator Training,

Coordinator Supervision, other than through

placement agency, in MGNREGA or in any

other scheme of the Department of Rural

Development and Panchayati Raj in the State.

Explanation : Wherever percentage of the

marks can not be ascertained

due to grade awarded to the

candidate in the particular

examination, the median

of the grade awarded to the

candidate in such examination

shall be basis for the

preparation of the merit list.”

In view of the second proviso to Rule 273, the

persons who have acquired experience of working exceeding one

year as Junior Technical Assistant (J.T.A.), Junior Engineer,

Gram Rozgar Sahayak, Data Entry Operator, Computer Operator

with Machine, Lekha Sahayak, Lower Division Clerk, Co-ordinator

IEC, Coordinator Training, Coordinator Supervision in Mahatma

Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme

(hereafter referred to as ‘MGNREGA') or in any other scheme of

-6-

the Department of Rural Development and Panchayati Raj in the

State of Rajasthan are entitled to have additional weightage as

specified by the State Government while getting their

candidature considered for recruitment. The Government of

Rajasthan in pursuance to the proviso aforesaid decided to allow

10 bonus marks on having experience of more than one year but

less than two years on the specified posts. The bonus marks to

the tune of 20 and 30 respectively are required to be given in

the event of having experience of more than two years but less

than three years and of more than three years. While providing

such weightage an exclusion is made under proviso second for

the persons having experience on the specified posts, if

employed through Placement Agencies.

The classification made under proviso second to Rule

273 of the Rules of 1996 on basis of the mode of engagement on

specified post in MGNREGA came to be declared bad by a

Division Bench of this Court in batch of writ petitions led by

DBCivil Writ Petition No.1723/2013, Mitendra Singh Rathore &

Ors. v. State of Rajasthan & Ors. In result, the proviso second to

Rule 273 of the Rules of 1996 now reads as under :-

“Provided also that in case of appointment to

the post of Lower Division Clerk, merit shall be

prepared by the Appointing Authority on the

basis of such weightage as may be specified by

the State Government for the marks obtained

in Senior Secondary or its equivalent

-7-

examination and such marks as may be

specified by the State Government having

regard to the length of experience exceeding

on year acquired by persons engaged on the

post of Junior Technical Assistant (J.T.A.),

Junior Engineer, Gram Rozgar Sahayak, Data

Entry Operator, Computer Operator with

Machine, Lekha Sahayak, Lower Division Clerk,

Co-ordinator IEC, Coordinator Training,

Coordinator Supervision in MGNREGA or in any

other scheme of the Department of Rural

Development and Panchayati Raj in the State.”

A process of selection was initiated by different Zila

Parishads in the State of Rajasthan to fill up the existing

vacancies relating to the post of Lower Division Clerk and while

making such selection a weightage is required to be given to the

experienced hands. Petitioner Archana preferred a petition

for writ (SBCivil Writ Petition No.4144/2013) to have a

direction for the respondents to issue a certificate of experience

to her and further to grant bonus marks accordingly.

Learned Single Judge, while considering the petition,

examined several provisions of the Act of 1996 and prima facie

arrived at the conclusion that the grant of bonus marks against

the experience is an “unconstitutional action of the State”.

Learned Single Judge, thus, referred following three questions to

the Larger Bench for appropriate answer :-

-8-

“(A) Whether the second proviso to Rule 273 of the Rajasthan

Panchayat Raj Rules 1996 added vide notification dated

29.01.2013 is not an attempt to undo the judgment rendered by

the Hon'ble Supreme Court in the case of Secretary, State of

Karnataka Vs. Uma Devi, reported in (2006)4 SCC 1, because

under the said proviso the State Government granted weightage

of 10 marks for the experience of each year, up to three years,

to the employees engaged on ad hoc/temporary/contract basis

in the various schemes or projects of the Rural Development

Department and deserves to be declared unconstitutional?

(B) Whether in view of the existing Rule 273 in which written

test is provided for recruitment on the post of L.D.C. whether

under second proviso added vide notification dated 29.01.2013

the respondent State can make recruitment without conducting

written examination?

(C) Whether in the absence of any provision in the amended

Rule 266 with regard to qualification of experience for the post

of L.D.C. bonus marks for experience can be granted and

whether the same is not violative of Articles 14 and 16 of the

Constitution of India?”

Learned Single Judge in two other petitions for writ

viz. Virendra Ragwani v. State of Rajasthan & Ors. and Ranveer

Deharu v. State of Rajasthan & Ors. also formulated certain

-9-

questions of law and made reference for their adjudication by

Larger Bench. In these two petitions the petitioners sought a

direction for respondents to conduct the process of selection for

appointment to the post of Junior Engineer Degree/Diploma

Holder on basis of the educational qualification prescribed in Rule

15 of the Rajasthan Rural Development and Panchayati Raj State

and Subordinate Service Rules, 1998 (hereinafter referred to as

“the Rules of 1998”) without extending any weightage/bonus

marks on basis of experience. Suffice to mention that in an

another petition for writ (DBCivil Writ Petition No.5583/2013,

Nagendra Singh Chouhan v. State of Rajasthan & Ors., a

challenge is given to proviso to Rule 23 of the Rules of 1998.

In the cases of Virendra Ragwani, Ranveer Deharu

and Nagendra Singh Chouhan the petitioners are Engineers and

aspirants for appointment to the post of Junior Engineer

Degree/Diploma Holder under the process of selection initiated

vide an advertisement dated 25.3.2013, issued by the Secretary

to the Government of Rajasthan-cum-Commissioner,

Department of Rural Development and Panchayati Raj.

Recruitment to the posts referred in the advertisement

mentioned above is required to be made as per the Rules of

1998. The Government of Rajasthan by Rajasthan Rural

Development and Panchayati Raj State and Subordinate Service

(Amendment) Rules, 2013 substituted first proviso to Rule 23 in

following terms :-

-10-

“Provided that in case of appointment to the

post of Junior Engineer, Assistant Programme

Officer, Computer Instructor (PR), Accounts

Assistant, Co-ordinator Training, Co-ordinator

I.E.C. and Co-ordinator Supervision merit shall

be prepared by the Appointing Authority on the

basis of such weightage as may be specified by

the State Government for the marks obtained in

such minimum academic qualification or

technical qualification, except allied

qualifications, as mentioned in the Schedule of

these rules and such marks as may be specified

by the State Government having regard to the

length of experience, exceeding one year by

persons on the similar work under MGNREGA, or

any scheme or project of the Department of

Rural Development and Panchayati Raj or the

Department of Education in this State.

Explanation: (i) Wherever percentage of the

marks can't be ascertained due to grade

awarded to the candidate in the particular

examination, the median of the grade awarded

to the candidate in such examination shall be

basis for the preparation of the merit list.

(ii) For the purpose of this rule allied

qualification means certificate / diploma /

degree relating to knowledge of Computer

Application.

(iii) For the purpose of this rule, experience on

similar work shall be ascertained as under,

namely:-

-11-

S.No. Experience of working gained as To be considered for the

post

Remarks

1. Junior Technical Assistant/Senior

Technical Assistant/Junior

Engineer working in Department

of Rural Development and

Panchayati Raj or the Department

of the Education

Junior Engineer

2. Programme Officer/Assistant

Programme Officer/Manager

SGSY

Assistant Programme

Officer

3. Programmer/MIS Manager Computer Instructor (PR)

4. Lekha Sahayak/Accountant/

Assistant Accounts Officer

Accounts Assistant

5. Co-ordinator Training/

Consultant Training

Co-ordinator Training

6. Co-ordinator I.E.C. Co-ordinator I.E.C.

7. Co-ordinator Supervision Co-ordinator Supervision

After substituting the proviso first to Rule 23 in the

terms above, the Government of Rajasthan prescribed

weightage against experience to the extent of ten marks in the

event of service above one year but less than two years; 20

marks in the event of experience of service about two years but

less than three years and of 30 marks for having experience of

service for three or more years.

Petitioner Nagendra Singh Chouhan has questioned

correctness of the proviso to Rule 23 of the Rules of 1998 on

several counts including that grant of weightage under the

proviso aforesaid is nothing but an effort to frustrate the

judgment of Hon'ble Supreme Court in the case of State of

Karnataka v. Uma Devi (supra). It is also asserted that under

the Rules of 1998 the eligibility prescribed for recruitment to the

-12-

post of Junior Engineer Degree/Diploma Holder is having either a

Degree or Diploma in Engineering, but no reference of

experience is given therein, as such, by proviso an additional

eligibility could have not been prescribed. It is also asserted that

grant of weightage against the experience is having no rational

with the object sought to be achieved by making recruitment

under the Rules of 1998. The object of the Rules is to have best

available merit and that can be served only by recruiting the

hands with meritorious qualificational eligibility. The experience

is nothing to do with merit desirable for the lowest post cadered

under the Rules of 1998.

The issues involved in the case of Virendra Ragwani,

Ranveer Deharu and Nagendra Singh Chouhan are same, as

such, the questions referred in the cases of Virendra Ragwani

and Ranveer Deharu are also applicable to the case of Nagendra

Singh Chouhan. The questions so referred are as under:-

“(A) Whether substitution of existing proviso to Rule 23 is not

contrary to the judgment rendered by the Hon'ble Supreme

Court in Uma Devi's case (supra), in which, it has been held that

appointment should be made in accordance with law and there

should not be any regularization of those employees who were

appointed contrary to the rules framed under proviso to Article

309 of the Constitution of India;

-13-

(B) Whether the respondent State can give complete good-bye

to Rule 15 and original Rule 23 which are in existence and grant

bonus marks for the services rendered by the employees on

different posts in the projects as per the proviso added vide

notification dated 06.03.2013;

(C) Whether providing only 70% marks for educational and

professional qualification and providing 30 marks for experience

acquired by the candidates in different projects is in consonance

with Articles 14, 16 and 21 of the Constitution of India. If not,

then, why the amendment made vide notification dated

06.03.2013 should not be declared unconstitutional; and

(D) Whether such bonus marks can be provided by the State

Government without making any amendment in the qualification

laid down in the Schedule appended to the Rules of 1998.”

On being referred, these matters are before us in

accordance with Rule 59 of the Rajasthan High Court Rules,

1952.

It is pertinent to note that the order of reference

itself too is under challenge in DBCivil Special Appeal

No.630/2013, State of Rajasthan & Ors. Vs. Archana.

-14-

Learned Advocate General Shri G.S.Bafna, learned

Additional Advocate General Shri G.R.Punia, Shri Pushpendra

Singh Bhati, counsel for petitioner Archana addressed the Court

on several counts including that -

(1) The reference made by learned Single Judge is incompetent

in view of the fact that as per Rule 59 of the Rajasthan High

Court Rules, 1952 reference could have been made only on a

question or questions of law arising in the case concerned. In

the present case there was no issue with regard to validity of

the grant of weightage in the form of bonus marks against the

experience;

(2) In the case in hand no one questioned validity of the proviso

second to Rule 273 of the Rules of 1996 for grant of

weightage against the experience, thus, validity of the

provision cannot be examined;

(3) Learned Single Judge misconstrued the judgment of Hon'ble

Supreme Court in Secretary, State of Karnataka Vs. Uma Devi,

reported in (2006)4 SCC 1. The case aforesaid is having no

application to the facts of the present case. Beside that even

in the case of Uma Devi it is kept open for having a provision

to extend weightage for experience (reference para 55 of the

judgment);

-15-

(4) The weightage against the experience is prescribed to ensure

merit in service and that has already been settled by several

judicial pronouncements as a valid criteria. The experience

decorates personality with maturity and that extends desired

efficiency to public service; and

(5) The quantum of weightage given in the form of bonus marks

is absolutely within the domain of the State Government and

as such it is not open for examination by the Court. No

challenge too is given to the quantum of weightage and as

such that is not required to be examined while considering this

reference.

Shri Mahendra Singh Godara and Shri Ashok

Chhangani have supported the reference made with assertion

that in view of the judgment in the case of State of Karnataka v.

Uma Devi (supra) no weightage could have been allowed to the

aspirants having experience of working with the schemes floated

under MGNREGA and under the Department of Rural

Development and Panchayati Raj. It is asserted that the relevant

Rules nowhere prescribe experience as an eligibility, therefore,

that cannot be treated as a valid criteria for determining merit.

According to learned counsels the proviso introduced under Rule

273 of the Rules of 1996 and proviso to Rule 23 of the Rules of

1998 are bad being in contravention to the principle eligibility

prescribed under the relevant Rules.

-16-

It is asserted by Shri Ashok Chhangani, learned

counsel for the petitioner in the case of Nagendra Singh Chouhan

that a proviso to Rule is something engrafted on a preceding

enactment, but in the instant case the proviso is creating a

substantive right in favour of the aspirants who are having

experience of service. According to Shri Chhangani neither Rule

273 of the Rules of 1996 nor Rule 23 of the Rules of 1998 are

concerned with eligibility or determination of merit, as such, by

way of granting weightage through proviso the respondents are

extending a new right, which as a matter of fact is not concerned

with the main provision. The provisos as such are bad.

Heard and considered the rival submissions advanced

by learned counsels.

So far as the argument advanced by learned

Advocate General relating to competence of making a reference

is concerned, suffice to mention that Rule 59 of the Rajasthan

High Court Rules, 1952 (hereinafter referred to as “the Rules of

1952”) provides that “the Chief Justice may constitute a Bench

of two or more Judges to decide a case or any question or

questions of law formulated by a Bench hearing a case. In the

latter event the decision of such Bench on the questions so

formulated shall be returned to the Bench hearing the case that

Bench shall follow that decision on such question or questions

-17-

and dispose of the case after deciding the remaining questions, if

any, arising therein”.

As per Rule 59 of the Rules of 1952 reference is

required to be made by Hon'ble the Chief Justice on the

questions of law formulated by the Bench hearing a case. The

issues framed by learned Single Judge are quite relevant and are

arising from the cases concerned in view of the fact that

ultimately the issue relates to a fair recruitment by determining

merit by a fair mode of selection. Learned Single Judge

formulated the question about validity of the weightage i.e. to be

granted for determination of merit while making appointments

on the posts concerned and these are pure questions of law.

True it is, in the petition for writ preferred by Ms. Archana no

challenge is given to the weightage given, but the same is

claimed as settled by the State of Rajasthan, however, it is

always open for writ Court to see that whatever claimed is

constitutional or not, though may be having statutory credil. If

the claim made is based on a statute and validity of that too is

having doubt, then that can very well be examined by the writ

Court. As per Rule 55 of the Rules of 1952 a Single Judge cannot

adjudicate the constitutionality of a statute, thus, in the instant

matter learned Single Bench formulated the questions and

referred the same to a Larger Bench. Beside the above, the

argument advanced with regard to competence of reference

looses its importance in view of the fact that in the case of

-18-

Nagendra Singh Chouhan a challenge is also given to the

provision prescribing authority to the State of Rajasthan for

extending weightage on basis of the experience. It is also

pertinent to note that in the case of Nagendra Singh Chouhan

the issue with regard to quantum of weightage (quantum of

bonus marks) given against the experience is also questioned.

Learned Single Judge has also made a reference in the case of

Virendra Ragwani and Ranveer Deharu in the terms that

“whether providing only 70% marks for educational and

professional qualification and providing 30 marks for experience

acquired by the candidates in different projects is in consonance

with Articles 14, 16 and 21 of the Constitution of India. If not,

then, why the amendment made vide notification dated

06.03.2013 should not be declared unconstitutional”.

Looking to this factual background, we are of the

view that all the questions referred by learned Single Judge for

adjudication by Larger Bench are required to be examined and

answered. The questions raised in the case of Nagendra Singh

Chouhan being interlinked with the questions referred to the

Larger Bench too are required to be adjudicated by us.

For our convenience we have rearranged the seriatim

of the questions formulated by learned Single Bench and i.e. as

under:-

-19-

(1)Whether in view of the existing Rule 273 in which written test

is provided for recruitment on the post of L.D.C. whether under

second proviso added vide notification dated 29.01.2013 the

respondent State can make recruitment without conducting

written examination?

(2)Whether in the absence of any provision in the amended Rule

266 with regard to qualification of experience for the post of

L.D.C. bonus marks for experience can be granted and whether

the same is not violative of Articles 14 and 16 of the Constitution

of India?

(3)Whether the respondent State can give complete good-bye to

Rule 15 and original Rule 23 which are in existence and grant

bonus marks for the services rendered by the employees on

different posts in the projects as per the proviso added vide

notification dated 06.03.2013?

(4)Whether such bonus marks can be provided by the State

Government without making any amendment in the qualification

laid down in the Schedule appended to the Rules of 1998?

(5)(a)Whether the second proviso to Rule 273 of the Rajasthan

Panchayat Raj Rules 1996 added vide notification dated

29.01.2013 is not an attempt to undo the judgment rendered by

the Hon'ble Supreme Court in the case of Secretary, State of

-20-

Karnataka Vs. Uma Devi, reported in (2006)4 SCC 1, because

under the said proviso the State Government granted weightage

of 10 marks for the experience of each year, up to three years,

to the employees engaged on ad hoc/temporary/contract basis

in the various schemes or projects of the Rural Development

Department and deserves to be declared unconstitutional?

(5)(b) Whether substitution of existing proviso to Rule 23 is not

contrary to the judgment rendered by the Hon'ble Supreme

Court in Uma Devi's case (supra), in which, it has been held that

appointment should be made in accordance with law and there

should not be any regularization of those employees who were

appointed contrary to the rules framed under proviso to Article

309 of the Constitution of India?

(6) Whether providing only 70% marks for educational and

professional qualification and providing 30 marks for experience

acquired by the candidates in different projects is in consonance

with Articles 14, 16 and 21 of the Constitution of India. If not,

then, why the amendment made vide notification dated

06.03.2013 should not be declared unconstitutional?

QUESTION NO.1 :-

The first issue required to be answered by us is that

whether the requirement of holding written test as per Rule 273

-21-

of the Rules of 1996 has wrongly been dispensed with while

making recruitment to the post of Lower Division Clerk?

As already stated, as per the Rules of 1996 direct

recruitment to the post of Lower Division Clerk is required to be

made as per the procedure prescribed from Rule 270 to Rule

277. As per Rule 270 of the Rules of 1996, on a requisition for

direct recruitment to the service having been made by the

Panchayat Samiti or the Zila Parishad, the District Establishment

Committee shall invite applications through open advertisement

in daily newspapers having wide circulation. The application for

appointment is required to be made in the format prescribed by

the committee. As per Rule 272 of the Rules of 1996 “the

committee shall scrutinise the applications received by it and call

the candidates eligible for appointment under these Rules to

appear before it for interview/written test”. Under Rule 272

the District Establishment Committee is having option either to

call the candidates to face interview or to hold a written test.

Rule 273 prescribes a broad discretion to the committee to hold

a written test, if required, as such holding of written test is not

mandatory. A plain reading of the Rules 272 and 273 of the

Rules of 1996 quite satisfactorily convey that holding of written

test is not a condition precedent for making direct recruitment.

The respondents, thus, committed no illegality or even

irregularity by proceeding with selection through direct

recruitment without conducting written examination.

-22-

QUESTION NO.2 :-

The question No.2 as formulated by learned Single

Bench is having two limbs and those are :-

(1)Whether the weightage in the form of bonus marks could

have been granted without making an amendment under Rule

266 of the Rules of 1996 that prescribes eligibility for

appointment to the post of Lower Division Clerk inter-alia?

(2)That whether grant of bonus marks does not violate the

fundamental principle of equality enshrined under Articles 14

and 16 of the Constitution of India?

So far as Rule 266 of the Rules of 1996 is concerned,

it prescribes that a person having the qualification of Secondary

from a recognised Board with a typing speed of 20 and 25 words

per minute in Hindi and English typing respectively can be

considered for appointment as Lower Division Clerk. For

appointment to the post of Lower Division Clerk there is no

eligibility to have experience. As per the order of reference made

by learned Single Judge when the experience is not prescribed

as an eligibility, then no bonus marks could be awarded while

determining merit for appointment and, if merit is prepared

otherwise, then that shall not only be in violation of Rule 266 of

-23-

the Rules of 1996, but shall also be in violation of doctrine of

equality.

An aspirant for appointment to the post of Lower

Division Clerk and other posts referred in Rule 266 is required to

have minimum eligibility given in the Rule concerned. No

appointment can be made on the posts referred in Rule 266 by a

person who is not having requisite qualification. However, the

grant of weightage in the form of bonus marks is not a part of

eligibility but a mode adopted to extend more efficiency, skill and

maturity to the service by giving preference to experienced

hands. In public service the prime object of recruitment process

is to sort out the most meritorious person to give an edge to

service that is essential to serve and execute public duties and

policies. The determination of such merit depends on several

factors including qualificational eligibility and experience. In the

instant matter the respondents are making appointments to the

posts available with Panchayati Raj Institutions. A Division Bench

of this Court in DBCivil Writ Petition No.1723/2013, Mitendra

Singh Rathore & Ors. v. State of Rajasthan & Ors., had an

occasion to examine the importance of the experience required

in services including Panchayat Raj service and observed as

under:-

“The Panchayati Raj Institutions as per Schedule-XI

of the Constitution of India read with Rajasthan

Panchayati Raj Act, 1994 and the Rules framed

-24-

thereunder are having a very significant role in

nation building by extending and implementing

various developmental plans. Several schemes under

MGNREGA too are supposed to be accomplished

through Panchayati Raj Institutions. In such

circumstances the need of a big man force is

obvious. The service further requires skill with

insight for the nature of job to meet the task given.

An experienced person by examining, understanding

and factually undertaking same task catch an insight

and propound understanding of the job concern.

Such insight and understanding of the work extends

an edge to such persons in doing the work assigned

with passion and interest. It also introduces such

persons with the world of work and to learn dos and

don'ts attached thereto. The experience comprises

knowledge, skill, exposure, concept of the task given

and procedural knowledge thereof. All these

ingredients provides a merit that is necessary for

service. This merit helps in accomplishing the task

successfully, as such, the grant of weightage for

experience is in interest of service so also in interest

of the objects for which service is created. The need

of granting weightage under 2nd Proviso to Rule 273

of the Rules of 1996 is with this view only.

The experience required under Proviso second of

Rule 273 of the Rules of 1996 is on definite posts

under definite schemes sponsored by the Panchayati

Raj Institutions and under MGNREGA. This too is

having a rational as the schemes are required to be

implemented with a new vision of development and

governance at the grass root level through the

Panchayat Raj Institutions as per thrust of the 73rd

constitutional amendment and the State enactment

-25-

made in consonance thereto. The need of

experience hands in service, thus, is rational and

required.”

While adopting the reasonings given in the case of

Mitendra Singh (supra) we are of the view that the grant of

weightage while making appointment to the post in Panchayat

Raj service is neither irrational nor it makes any classification

without having intelligible differentia. We are also of the view

that such bonus marks in no manner offends the eligibility

prescribed under Rule 266 of the Rules of 1996. Rule 266,

prescribes minimum eligibility, but not the criteria for

determining merit, which as a matter of fact is given under

proviso to Rule 273 of the Rules of 1996.

While examining this question, we also deem it

appropriate to deal with the argument advanced by Shri Ashok

Chhangani that the proviso is something engrafted on a

preceding enactment, but the proviso in question is creating a

substantive right in favour of the aspirants possessing service

experience, the proviso, therefore, is contrary to the principles of

legislative drafting. It is asserted that providing of the proviso in

the form of a positive right is illegal and, therefore, that

deserves to be declared bad. The argument advanced is

substantiated with the aid of several judgments including Union

of India v. Sanjay Kumar Jain, reported in (2004) 6 SCC 708; Ali

M.K. & Ors. v. State of Kerala & Ors., reported in (2003) 11 SCC

-26-

632; A.N.Sehgal & Ors. v. Raje Ram Sheoran & Ors., reported in

1992 Supp (1) SCC 304; State of Maharashtra v. Chandrabhan,

reported in AIR 1983 SC 803; and Col. A.S.Sangwan v. Union of

India & Ors., reported in AIR 1981 SC 1545.

The law laid down in the cases aforesaid is that a

proviso is subsidiary to the main section and it must be

construed in light of section itself. The object of the proviso is to

carve out from the main section a class or category to which the

main section does not apply. But in carving out from the main

section one must always bear in mind what is the class referred

to in the main section and must also remember that carving out

intended by the proviso is from the particular class dealt with by

the main section and from no other class. Ordinarily a proviso is

designed to restrict rather than to enlarge the provision to which

it is appended, but that is not inflexible rule. There may be cases

in which the language might well lead to conclusion that the

legislature intended to exercise its right enacting power by

proviso too. The Court on overall examination of the provision to

which proviso is attached, if arrives to the conclusion that the

legislature intended to create a liability, then it is the duty of the

Court to give effect to that intention may that be embodied in a

proviso.

Hon'ble Supreme Court in State of Tamil Nadu v.

Kodaikanal Motor Union (P) Ltd., reported in AIR 1986 SC 1973,

-27-

while discussing the principles of interpretation, observed as

under:-

“The courts must always seek to find out the

intention of the legislature. Though the courts must

find out the intention of the statute from the

language used, but language more often than not is

an imperfect instrument of expression of human

thought. As Lord Denning said it would be idle to

expect every statutory provision to be drafted with

divine prescience and perfect clarity. As judge

Learned Hand said, we must not make a fortress out

of dictionary but remember that statutes must have

some purpose or object, whose imaginative

discovery is judicial craftsmanship. We need not

always cling to literalness and should seek to

endeavour to avoid an unjust or absurd result. We

should not make a mockery of legislation. To make

sense out of an unhappily worded provision, where

the purpose is apparent to the judicial eye 'some'

violence to language is permissible.”

The fundamental duty of the Court, thus, is to

construe a provision as per intention of the legislature only. We

are duty bound to act upon the true intention of the legislature

and nothing else. The Courts while interpreting or construing an

statute are supposed to see intention of the legislature with an

approach to ascertain its literal meaning as well as its

functionality. It is well established that the rules of interpretation

are not the rules of law and are not required to be applied like

the rules enacted by the legislature.

-28-

In view of this legal position we are also required to

interpret the proviso as per the intention of the enacting

authority and in consonance with the dominant object that is to

be served by the proviso, hence, the provisos in question are

required to be interpreted to make them functional in

consonance with the intention of legislature. Rule 273 of the

Rules of 1996 is part of procedure for direct recruitment on

several posts under Panchayat Raj Institutions, and as per this

provision the District Establishment Committee is required to

conduct a written test, if required and then to prepare a merit

list. Subsequent to it the proviso in question is given that

empowers the State Government to settle a mode of granting

weightage on basis of experience.

True it is, that Rule 23 of the Rules of 1998

substantively relates to the discretion available for holding

written examination, but at the same time it also pertains to

settling determination of merit of the aspirants. The legislature

while enacting the proviso has prescribed a liability for the State

to have most meritorious persons in service and while doing so a

weightage is to be given on basis of experience. With the aid of

proviso the legislature intends to carve out the experienced

persons for having some weightage while determining the merit.

The carving of such aspirants is with an intention to have mature

and meritorious persons in the service concerned. The proviso,

-29-

therefore, cannot be said as an alien to the main provision. The

proviso to Rule 273 of the Rules of 1996, as such, serves the

intention of its enacting authority. The provisos in question are

also carving out a group from a particular class i.e. of the

aspirants for appointment to specific service. This carving out

must be on rational basis and we have already ascertained the

rationality behind the grant of weightage to the experience

hands.

The discussion above leads to negativate the

argument advanced by Shri Ashok Chhangani. The reasoning

given also covers the question relating to the proviso added with

Rule 23 of the Rules of 1998.

QUESTION NO.3 :-

This question as a matter of fact stands answered in

view of the findings given with regard to question No.2 referred

above. Suffice to mention that Rule 15 of the Rajasthan

Panchayati Raj State and Subordinate Service Rules, 1998

provides academic and technical qualification and experience for

direct recruitment to the post specified in Schedule-I and II

appended with the Rules and Rule 23 pertains to scrutiny of an

application wherein amendment has been introduced by adding a

proviso in the same terms of proviso to Rule 273 of the Rules of

1996.

-30-

QUESTION NO.4 :-

This question too stands covered by the reasonings

and findings given for question No.2.

QUESTION NO.5(a) and (b) :-

These questions demand a clear understanding of

the judgment rendered by Hon'ble Supreme Court in State of

Karnataka vs. Uma Devi (supra). The judgment begins with

emphasis for maintaining equality and the constitutional scheme

in public employment while making appointments to the public

posts and at the same time hammers the extraneous

considerations in this process. The initial paras of the judgment,

thus, deserve to be quoted :-

“2. Public employment in a sovereign socialist secular

democratic republic, has to be as set down by the

Constitution and the laws made thereunder. Our

constitutional scheme envisages employment by the

Government and its instrumentalities on the basis of

a procedure established in that behalf. Equality of

opportunity is the hallmark, and the Constitution has

provided also for affirmative action to ensure that

unequals are not treated equals. Thus, any public

employment has to be in terms of the constitutional

scheme.

-31-

3. A sovereign government, considering the

economic situation in the country and the work to be

got done, is not precluded from making temporary

appointments or engaging workers on daily wages.

Going by a law newly enacted, The National Rural

Employment Guarantee Act, 2005, the object is to

give employment to at least one member of a family

for hundred days in an year, on paying wages as

fixed under that Act. But, a regular process of

recruitment or appointment has to be resorted to,

when regular vacancies in posts, at a particular point

of time, are to be filled up and the filling up of those

vacancies cannot be done in a haphazard manner or

based on patronage or other considerations. Regular

appointment must be the rule.

4. But, sometimes this process is not adhered to and

the Constitutional scheme of public employment is

by-passed. The Union, the States, their departments

and instrumentalities have resorted to irregular

appointments, especially in the lower rungs of the

service, without reference to the duty to ensure a

proper appointment procedure through the Public

Service Commission or otherwise as per the rules

adopted and to permit these irregular appointees or

those appointed on contract or on daily wages, to

continue year after year, thus, keeping out those

who are qualified to apply for the post concerned and

depriving them of an opportunity to compete for the

post. It has also led to persons who get employed,

without the following of a regular procedure or even

through the backdoor or on daily wages, approaching

Courts, seeking directions to make them permanent

in their posts and to prevent regular recruitment to

the concerned posts. Courts have not always kept

-32-

the legal aspects in mind and have occasionally even

stayed the regular process of employment being set

in motion and in some cases, even directed that

these illegal, irregular or improper entrants be

absorbed into service. A class of employment which

can only be called 'litigious employment', has risen

like a phoenix seriously impairing the constitutional

scheme. Such orders are passed apparently in

exercise of the wide powers under Article 226 of the

Constitution of India. Whether the wide powers under

Article 226 of the Constitution is intended to be used

for a purpose certain to defeat the concept of social

justice and equal opportunity for all, subject to

affirmative action in the matter of public employment

as recognized by our Constitution, has to be seriously

pondered over. It is time, that Courts desist from

issuing orders preventing regular selection or

recruitment at the instance of such persons and from

issuing directions for continuance of those who have

not secured regular appointments as per procedure

established. The passing of orders for continuance,

tends to defeat the very Constitutional scheme of

public employment. It has to be emphasized that this

is not the role envisaged for High Courts in the

scheme of things and their wide powers under Article

226 of the Constitution of India are not intended to

be used for the purpose of perpetuating illegalities,

irregularities or improprieties or for scuttling the

whole scheme of public employment. Its role as the

sentinel and as the guardian of equal rights

protection should not be forgotten.”

In State of Karnataka v. Uma Devi (supra) a

Constitutional Bench of Hon'ble Supreme Court comprising of

-33-

five Judges was dealing with a reference made to it in following

terms :-

1. "Apart from the conflicting opinions between the

three-Judge Bench decisions in Ashwani Kumar v.

State of Bihar, State of Haryana v. Piara Singh and

Dharwad Distt. P.W.D. Literate Daily Wage

Employees Assn. v. State of Karnataka on the one

hand and State of H.P. v. Suresh Kumar Verma,

State of Punjab v. Surinder Kumar and B.N.

Nagarajan v. State of Karnataka on the other, which

have been brought out in one of the judgments

under appeal of Karnataka High Court in State of

Karnataka v. H. Ganesh Rao, decided on 1.6.2000,

the learned Additional Solicitor General urged that

the scheme for regularization is repugnant to Articles

16(4), 309, 320 and 335 of the Constitution and,

therefore, these cases are required to be heard by a

Bench of Five learned Judges (Constitution Bench).

2. On the other hand, Mr. M.C. Bhandare, learned

senior counsel, appearing for the employees urged

that such a scheme for regularization is consistent

with the provision of Articles 14 and 21 of the

Constitution.

3. Mr. V. Lakshmi Narayan, learned counsel,

appearing in CCs Nos.109-498 of 2003, has filed the

GO dated 19.7.2002 and submitted that orders have

already been implemented.

4. After having found that there is conflict of opinion

between three Judges Bench decisions of this Court,

we are of the view that these cases are required to

be heard by a Bench of five learned Judges.

-34-

5. Let these matters be placed before Hon'ble the

Chief Justice for appropriate orders."

Hon'ble Supreme Court while noticing the

constitutional schemes for public employment accepted the need

of engaging persons on temporary basis or on daily rates, but

shown its concern for regularising such persons against regular

posts ignoring the constitutional scheme for public employment.

The initial consideration of the issue by Hon'ble Apex Court in

the case aforesaid reads as under :-

“12. .....there may be occasions when the sovereign

State or its instrumentalities will have to employ

persons, in posts which are temporary, on daily

wages, as additional hands or taking them in without

following the required procedure, to discharge the

duties in respect of the posts that are sanctioned and

that are required to be filled in terms of the relevant

procedure established by the Constitution or for work

in temporary posts or projects that are not needed

permanently. This right of the Union or of the State

Government cannot but be recognized and there is

nothing in the Constitution which prohibits such

engaging of persons temporarily or on daily wages,

to meet the needs of the situation. But the fact that

such engagements are resorted to, cannot be used

to defeat the very scheme of public employment. Nor

can a court say that the Union or the State

Governments do not have the right to engage

persons in various capacities for a duration or until

the work in a particular project is completed. Once

this right of the Government is recognized and the

mandate of the constitutional requirement for public

-35-

employment is respected, there cannot be much

difficulty in coming to the conclusion that it is

ordinarily not proper for courts whether acting under

Article 226 of the Constitution or under Article 32 of

the Constitution, to direct absorption in permanent

employment of those who have been engaged

without following a due process of selection as

envisaged by the constitutional scheme.

13. What is sought to be pitted against this

approach, is the so called equity arising out of giving

of temporary employment or engagement on daily

wages and the continuance of such persons in the

engaged work for a certain length of time. Such

considerations can have only a limited role to play,

when every qualified citizen has a right to apply for

appointment, the adoption of the concept of rule of

law and the scheme of the Constitution for

appointment to posts. It cannot also be forgotten

that it is not the role of courts to ignore, encourage

or approve appointments made or engagements

given outside the constitutional scheme. In effect,

orders based on such sentiments or approach would

result in perpetuating illegalities and in the

jettisoning of the scheme of public employment

adopted by us while adopting the Constitution. The

approving of such acts also results in depriving many

of their opportunity to compete for public

employment.

26. ....why should the State be allowed to depart

from the normal rule and indulge in temporary

employment in permanent posts? This Court, in our

view, is bound to insist on the State making regular

and proper recruitments and is bound not to

-36-

encourage or shut its eyes to the persistent

transgression of the rules of regular recruitment. The

direction to make permanent -- the distinction

between regularization and making permanent, was

not emphasized here -- can only encourage the

State, the model employer, to flout its own rules and

would confer undue benefits on a few at the cost of

many waiting to compete.”

While deprecating the practicing of appointments by

way of regularisation the Apex Court emphasised need of regular

appointment on public posts as per the constitutional scheme.

The observation made by the Apex Court in this regard is “by

and large what emerges is that regular recruitment should be

insisted upon, only in a contingency an ad hoc appointment can

be made in a permanent vacancy, but the same should soon be

followed by a regular recruitment and that appointments to nonavailable

posts should not be taken note of for regularization.

The cases directing regularization have mainly proceeded on the

basis that having permitted the employee to work for some

period, he should be absorbed, without really laying down any

law to that effect, after discussing the constitutional scheme for

public employment.”

The most important feature of this judgment is

declaration of Rule of equality in public employment as basic

feature of our Constitution. As per Hon'ble Supreme Court,

“adherence to the rule of equality in public employment is a

-37-

basic feature of our Constitution and since the rule of law is the

core of our Constitution, a Court would certainly be disabled

from passing an order upholding a violation of Article 14 or in

ordering the overlooking of the need to comply with the

requirements of Article 14 read with Article 16 of the

Constitution. Therefore, consistent with the scheme for public

employment, this Court while laying down the law, has

necessarily to hold that unless the appointment is in terms of the

relevant rules and after a proper competition among qualified

persons, the same would not confer any right on the appointee.

If it is a contractual appointment, the appointment comes to an

end at the end of the contract, if it were an engagement or

appointment on daily wages or casual basis, the same would

come to an end when it is discontinued. Similarly, a temporary

employee could not claim to be made permanent on the expiry

of his term of appointment. It has also to be clarified that merely

because a temporary employee or a casual wage worker is

continued for a time beyond the term of his appointment, he

would not be entitled to be absorbed in regular service or made

permanent, merely on the strength of such continuance, if the

original appointment was not made by following a due process of

selection as envisaged by the relevant rules.”

The theory of legitimate expectation of an employee

for regularisation in service has not been accepted by the Court.

The discussion made in this regard reads as under:-

-38-

“47. When a person enters a temporary employment

or gets engagement as a contractual or casual

worker and the engagement is not based on a proper

selection as recognized by the relevant rules or

procedure, he is aware of the consequences of the

appointment being temporary, casual or contractual

in nature. Such a person cannot invoke the theory of

legitimate expectation for being confirmed in the

post when an appointment to the post could be made

only by following a proper procedure for selection

and in concerned cases, in consultation with the

Public Service Commission. Therefore, the theory of

legitimate expectation cannot be successfully

advanced by temporary, contractual or casual

employees. It cannot also be held that the State has

held out any promise while engaging these persons

either to continue them where they are or to make

them permanent. The State cannot constitutionally

make such a promise. It is also obvious that the

theory cannot be invoked to seek a positive relief of

being made permanent in the post.”

It was held by Hon'ble Supreme Court that the need

of regularisation of service due to its long span is nothing to do

with the concept of equality and also to the right of life. While

examining this aspect, Hon'ble Supreme Court held as under:-

“48. .....There is no fundamental right in those who

have been employed on daily wages or temporarily

or on contractual basis, to claim that they have a

right to be absorbed in service. As has been held by

-39-

this Court, they cannot be said to be holders of a

post, since, a regular appointment could be made

only by making appointments consistent with the

requirements of Articles 14 and 16 of the

Constitution. The right to be treated equally with the

other employees employed on daily wages, cannot

be extended to a claim for equal treatment with

those who were regularly employed. That would be

treating unequals as equals. It cannot also be relied

on to claim a right to be absorbed in service even

though they have never been selected in terms of

the relevant recruitment rules. The arguments based

on Articles 14 and 16 of the Constitution are

therefore overruled.

49. It is contended that the State action in not

regularizing the employees was not fair within the

framework of the rule of law. The rule of law compels

the State to make appointments as envisaged by the

Constitution and in the manner we have indicated

earlier. In most of these cases, no doubt, the

employees had worked for some length of time but

this has also been brought about by the pendency of

proceedings in Tribunals and courts initiated at the

instance of the employees. Moreover, accepting an

argument of this nature would mean that the State

would be permitted to perpetuate an illegality in the

matter of public employment and that would be a

negation of the constitutional scheme adopted by us,

the people of India. It is therefore not possible to

accept the argument that there must be a direction

to make permanent all the persons employed on

daily wages. When the court is approached for relief

by way of a writ, the court has necessarily to ask

itself whether the person before it had any legal right

-40-

to be enforced. Considered in the light of the very

clear constitutional scheme, it cannot be said that the

employees have been able to establish a legal right

to be made permanent even though they have never

been appointed in terms of the relevant rules or in

adherence of Articles 14 and 16 of the Constitution.

51. The argument that the right to life protected by

Article 21 of the Constitution of India would include

the right to employment cannot also be accepted at

this juncture. The law is dynamic and our

Constitution is a living document. May be at some

future point of time, the right to employment can

also be brought in under the concept of right to life

or even included as a fundamental right. The new

statute is perhaps a beginning. As things now stand,

the acceptance of such a plea at the instance of the

employees before us would lead to the consequence

of depriving a large number of other aspirants of an

opportunity to compete for the post or employment.

Their right to employment, if it is a part of right to

life, would stand denuded by the preferring of those

who have got in casually or those who have come

through the back door. The obligation cast on the

State under Article 39(a) of the Constitution of India

is to ensure that all citizens equally have the right to

adequate means of livelihood. It will be more

consistent with that policy if the courts recognize that

an appointment to a post in government service or in

the service of its instrumentalities, can only be by

way of a proper selection in the manner recognized

by the relevant legislation in the context of the

relevant provisions of the Constitution. In the name

of individualizing justice, it is also not possible to

shut our eyes to the constitutional scheme and the

-41-

right of the numerous as against the few who are

before the court. The Directive Principles of State

Policy have also to be reconciled with the rights

available to the citizen under Part III of the

Constitution and the obligation of the State to one

and all and not to a particular group of citizens. We,

therefore, overrule the argument based on Article 21

of the Constitution.”

The ratio of judgment in State of Karnataka v. Uma

Devi (supra), while dealing with the issue pertaining to

regularisation of the persons in service against public posts, who

at some point of time were employed either in some scheme or

against the public posts on daily rate basis/contractual

basis/casual basis, is that equality and equity are not the

concepts applicable for regularisation of the persons in service

against public posts, if were employed dehor the Rules. The

Court found that as a matter of fact such regularisation causes

injury to the doctrine of equality and fairness in public

employment, as that denies opportunity of participation in

process of recruitment to the public employment to other eligible

persons, who were not employed earlier.

The cases in hand are not of regularisation, but of

direct recruitment by a process of selection. True it is, the

excessive weightage may cause injury to the fairness desirable

in process of selection, but before coming to that issue we would

like to mention that under Rule 273 of the Rules of 1996 and

-42-

Rule 23 of the Rules of 1998 the weightage is given to the

persons who were appointed in the schemes introduced in

MGNREGA or by the Department of Panchayat Raj and Rural

Development. The persons so employed were recruited on

contractual basis or otherwise after following the norms

prescribed under the scheme concerned. The posts under the

scheme were/are not supposed to be filled in as per the Rules

framed under Article 309 of the Constitution of India or as per its

proviso, but by the norms given in the scheme itself. It is also

pertinent to mention that the post under the schemes were/are

planned posts and appointment to these posts does not create

any status for the persons so employed. The Government of

Rajasthan now wants to run developmental programmes at its

own and as such is in need of employees on various posts. The

developmental programmes sought to be executed are

alternative to the schemes earlier in currency, as such a

weightage is given to the persons having experience. The cases

of the persons employed by a fair process of selection as

prescribed in the schemes concerned, for whom the weightage is

applied under the relevant provisions, cannot be compared with

the cases of the persons employed in contravention of Rules or

without following the procedure given under the Rules or made

entry in service from back door.

The resultant is that providing of weightage to the

experienced hands does not violate or frustrate the law laid

-43-

down by Hon'ble Supreme Court in the case of State of

Karnataka v. Uma Devi (supra).

QUESTION NO.6 :-

The important question now deserves consideration

is about the quantum of weightage given in the form of bonus

marks. The bonus marks as already stated are prescribed in

three layers against the experience. An aspirant having

experience of service for a year or more but less than two years

is entitled to have 10 bonus marks, an aspirant having

experience of two years or more but less than three years is

entitled to have 20 bonus marks and 30 bonus marks are

earmarked for the persons having service experience of three or

more years.

The question referred for adjudication is that whether

the grant of bonus marks to the extent above is not arbitrary

and discriminator, specially where the marks kept for educational

qualification are 70 only?

Learned counsels, who are supporting the bonus

marks settled by the State Government, submitted that the

Court is not supposed to assess the quantum of weightage given

that being absolutely within the domain of the Government. The

objection advanced is not at all acceptable for the simple reason

-44-

that every action of the State authority is open for judicial

review, if that suffers from arbitrariness or unfairness being

antithesis to the fundamental rights protected under Article 14 of

the Constitution of India.

While coming to the main issue it shall be

appropriate to understand the mode of determining merit of the

aspirants who are entitled for bonus marks and who are not

entitled for that.

As per the respondents, 70% of the marks obtained

in eligibility qualification are to be taken first and then bonus

marks are to be added, if aspirant is entitled for the same. It

shall be more easy to understand this mode through

illustrations:-

Illustration No.1 :-

If an aspirant for appointment had secured 70 marks

in eligibility qualification, then 70% of it is to be taken as marks

against the qualification and that would be 49. If this person is

having no experience or the experience less than one year, then

the merit marks for him shall be 49 only. At the same time if a

person secures 33 marks in his eligibility qualification, then 70%

of it i.e. 23.1 marks shall be taken into consideration against the

qualification. If this person is having service experience of three

-45-

years or more, then he shall be entitled for 30 bonus marks. By

adding these marks, his merit mark shall be 23.1 + 30 = 53.1.

In this way the person having only 33 marks in qualifying

examination shall march over the person having 70 marks in

educational qualification. The result of giving bonus marks upto

30 as illustrated above results into beating of a person having 70

marks by the person having 33 marks only.

Illustration No.2 :-

Suppose a person not entitled for bonus marks is

having 100 marks out of 100 in his eligibility qualification, as per

the formula applied by the respondents his marks in educational

qualification shall be treated as 70 and these shall be his merit

marks also. Now other person who is entitled for 30 bonus marks

has secured 60% marks in his educational qualification. The 70%

of 60 marks shall be 42 and by adding 30 bonus marks to it, he

will secure 72 merit marks. The bonus availing person shall

march over the person who secured 100% marks in educational

qualification.

Illustration No.3 :-

Another interesting illustration shall be where a

person secures 90% marks in educational qualification and his

marking against this head as per the respondents shall be 90 x

-46-

70/100 = 63 only. At the same time a person is having 65%

marks in his eligibility educational qualification, but he is entitled

for 20 bonus marks. . The merit marks of this person shall be 65

x 70/100 = 45.5 + 20 = 65.5. Here in this case the gap of 25

marks in educational qualification is covered by the bonus marks

those may even be less than 20.

Illustration No.4 :-

In a case where a person secures 33 marks in

educational qualification but entitled for 10 bonus marks shall

have 33.1 (23.1 + 10) merit marks. This fellow will march over a

person having 47% marks as the merit marks of this person

shall be treated as 47 x 70/100 = 32.9.

The illustrations clearly indicate major role of bonus

marks in elevating the merit marks to a very high level. True it

is, the weightage against experience is having its importance and

positive factors, but in no manner it may have absolute

supremacy vis-a-vis the educational qualification. The

educational qualification is the basic eligibility and the weightage

is only an essence of experience. The essence can provide

fragrance to a body but cannot be identified as body itself. The

bonus marks to the extent of 30 as assigned by the respondents

clearly indicates the throttling of educational merit by service

experience. The bonus marks fixed by the respondents are not

-47-

maintaining required balance with the educational

qualification, as such the repression of educational merit as

illustrated above is highly unjust and arbitrary. The State

Government while determining the bonus marks should

have settled a balance in basic eligibility and the

weightage i.e. to be assigned against a service experience.

The weightage in no way could have absolute supremacy

in determining merit. We would also like to mention here

that as per the respondents themselves about 14000 persons

coming in select list of 17000 persons have availed bonus marks.

The statistics given is quite startling and sufficient to establish

undue advantage of higher bonus marks against the experience.

The advantage so given, thus, is declared bad.

The State Government is at liberty to settle a fair

weightage under the provisos in question. The important

question is that what should be the “fair weightage”? We have

not come across any precedent discussing or defining “fair

weightage”. However, it is well settled that fairness is a quality

that keep equitable balance in homogeneous group as well as in

a group having reasonable classification. In the instant matter

the homogeneous group of aspirants for appointment is having a

rational and reasonable classification on basis of service

experience. A fair and equitable balance among these classified

persons means a little elevation to the experience holders

looking to the nature of service and skill available with them but

-48-

not such a high elevation that may result into falling of the cap of

other classified group while measuring elevation given.

Hon'ble Supreme Court in several cases found the

marks from 12.5% to 15% reasonable for personality

assessment through viva voce/interview, while making

appointments to lower category posts. The experience is also

feather in personality of an incumbent and posts in question are

the lowest posts in their cadre, as such, in our opinion the

maximum bonus marks those can be awarded against the

experience should be within the cap of 15%.

As a consequent to the entire discussion above, our

answers to the referred questions are as follows:-

(1)The respondents can make recruitment to the posts in the

services concerned even without conducting written

examination;

(2)Weightage in the form of bonus marks against service

experience can be given while adhering the eligibility

prescribed for various posts under the existing Rule 266 of the

Rules of 1996 and there shall be no violation of Articles 14 and

16 of the Constitution of India in the event of extending

weightage against service experience;

-49-

(3)The respondents did not commit any wrong while extending

weightage in the form of bonus marks against the service

experience as per proviso to Rule 23 of the Rules of 1998 and

such grant of weightage in no manner is in violation of Rule 15

of the Rules of 1998;

(4)For providing bonus marks there is no need to make any

amendment in the qualification prescribed in the Schedule

appended with the Rules of 1998.

(5)The grant of weightage in the form of bonus marks while

making recruitment to the post in the services in question is

not at all in contravention of the law laid down in the case of

State of Karnataka v. Uma Devi (supra), and it is also not an

effort to frustrate the law laid down in the case aforesaid; and

(6)The grant of bonus marks to the extent of 30 marks is unjust,

arbitrary and unfair, hence, is declared illegal and is quashed.

The State Government may grant the weightage in the form of

bonus marks against service experience within the cap of 15

marks.

With the answers above, let the writ petition i.e.

SBCivil Writ Petition No.4144/2013, Archana v. State of

Rajasthan & Ors., be placed before Single Bench for its

adjudication on other merits of the case.

-50-

DBCivil Special Appeal No.630/2013, State of

Rajasthan & Ors. v. Archana & Anr.; SBCivil Writ Petition

No.9780/2013, Virendra Ragwani v. State of Rajasthan & Ors.;

SBCivil Writ Petition No.10236/2013, Ranveer Deharu & Ors. v.

State of Rajasthan & Ors. and DBCivil Writ Petition

No.5583/2013, Nagendra Singh Chouhan v. State of Rajasthan &

Ors., stand dismissed.

(VIJAY BISHNOI),J. (GOVIND MATHUR),J.

 

MathuriaKK/PS


DATED - 24-09-13 

सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे सही खबर – 
इंतजार की घडिया समाप्त हुयी ..... जैसा की अभी से 21 घंटे पहले भाई देवाराम चौधरी जी ने माननीय श्री मति सोनिया गाँधी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी से जल्द से जल्द हमारी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के सम्बन्ध में आग्रह किया था इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी प्रदान की थी की बुधवार को दिनांक 25/09/2013 को हाई कोर्ट, जोधपुर द्वारा अपने लंबित केस का फैसला सुनाये जाने की संभावना हैं. उसी खबर की पुष्टि करते हुए हमे हर्ष की अनुभूति हो रही हैं की हम बहूत सारे NRHM बन्धुओ को जिस पल का बेसब्री से इन्तजार था ............. वो घडी आ गयी ..... आ गयी ...
बुधवार को दिनांक 25/09/2013 को माननीय उच्च न्यायलय, जोधपुर द्वारा अपना केस लिस्ट हो चूका हैं. 
High Alert: - दिनांक 25/09/2013 को ही माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी के साथ साथ केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री श्री मान गुलाम नबी आज़ाद साहब एवं चिकित्सा मंत्री दुर्रु मिया जी भी जोधपुर मैं होंगे. दोस्तों यह एक सुनहरा अवसर होगा. इस अवसर का लाभ उठाने के लिए कोर्ट का नतीजा आते ही भाई देवाराम चौधरी जी के साथ हमारे NRHM कर्मचारी भाई, बहन भारी संख्या में इन सभी महानुभावो से मुलेंगे और मिल कर उनसे जल्द से जल्द जोइनिंग प्रक्रिया पूरी करवाने बाबत विनती करेंगे.
अतः सभी NRHM कर्मचारियों से अनुरोध हैं की अधिक से अधिक संख्या में जोधपुर पहुच कर जल्द से जल्द जोइनिंग लेने के इस प्रयास में भागीदार बने.
भाई देवाराम चौधरी जी के प्रयास सराहनीय हैं परन्तु आप सभी के सहयोग के बगैर किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति असंभव रहेगी.
http://causelists.nic.in/temp/29747.html

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NAREGA NEWS -------------- (COPY TO PASTE )

sbhi nrega krmiyo ko prdesh comattee ka nmshakr- aaj dinak 23-9-2013 ko apni predesh comttee shri CS RAJAN or ARPNA ARORA ji se mile. c.s rajan dwara keha gya ki 70\30 formula hmare dwara bnya gya hai jo ki purntya niymo mei snsodhan kr k is bharti mei aply kiya gya hai. ye formula hmne bnaya hai to is bhrti ko pura krna hmare liye jruri hai. agr bhrti na hi krni hoti to ye niyam sondhn bhi na krte . puri umid h ki HC 70\30 formulle ko hi fainal manegi agr fir bhi kuchh change hota hai to hm HC k faisle k virudh special writ jisme stay tutata hai wo SC mei lgayenge or bhrti prkiryia puri krenge. hm HC mei ja k judge ko ye nhi keh skte hi aap apna nirnay jldi de ye sb high court k judge pe depend krta hai.
 
fir unhe aachar shinta k bare mei btaya gya to unhone keha ki aachar shinta se drne ki koi baat nahi hai nirvachan aayog mei aplication bhej di gyi hai jo weha se ok bhi ho gyi hai isme hum nyi niyukti de skte hai.achar sahinta 1% bhi efact nhi kregi. unhone purn vishvash dilaya ki ye bhrti hogi 100% hogi. 

court ka faisla 25 ko aa skta hai pr is pe prdesh comettee koi aadhikarik ghosna nhi kr skti . Rajan sahb ne bhi btaya ki kyas pe vishvash nhi kiya jata. bas prdesh comattee puri trah se govt or court ki monitring paini njro se kr rehi hai.CS RAJAN apne vibhag k sb se bde officer hai ab unke virudh ja k koi karay nhi kiya ja skta. high court ka mamla suljhte hi bhrti prkirya bahut jldi puri krne ka unhone bhrosa bhi dilaya hai.


 

Published on 23 Sep-2013

 

पे मेनेजर में भी अपनी पोस्ट ऐड हो चुकी है ...

Date 12-09-2013

कोट ने माना सरकार अनुभव अंक दे सकती है लेकिन कोट ने क‍हा आप 10, 20, 30 अंक दे रहे है उसके पीछे लोजीक क्‍या है आप 40,50 तक भी दे सकते थे आप 7, 14, 21 भी दे सकते थे इसलिए कोट ने सोमवार को अंको के निर्धारण का प्रास्‍प पेश करने को कहा ये उत्रर अगर आज दिया जा सकता तो फैसला आज ही आ जाता कोट ऐसा प्रशन करेगा ये अनुमान नही थाा
कोट ने माना ये मनरेगा कार्मिक नियमित है कोट ने काहा भर्ती नियमो के विरूद नही है नियमो मे संसोधन कर के ही ये भर्ती की गयी है राज्‍य सरकार ऐसा कर सकती है ा दोपहर से पहले पुनिया साहब ने पेरवी की व दोपहर के बाद बापना जी ने पैरवी की है ा हम केश जीत गये है केवल निर्णय आना बाकी है आप शांति व साहस बनाये रखे संघ विरोघी लोगेा के बहकावे मे नही आये ा

Dated- 11-09-2013_ {News -1} TIME 12.47 PM*******

दिनांक 11 सितम्‍बर 2013 नमस्‍कार दोस्‍तो आप सभी से निवेदन है कि जब तक यूनियन की ओर से हडताल या अवकाश पर रहने हेतु निर्देश नही मिले तब तक किसी के कहने पर भी हडताल मे शामिल नही होवे क्‍यो कि हमारा काम अब जल्‍दी से जल्‍दी डाक्‍युमेन्‍ट वेरीफिकेशन करवाना है और सरकार के प्रति सकारात्‍मक रहना है इसलिय जो भी मेनेजमेन्‍ट केडर के कार्मिक है वो नर्सिग कार्मिक के हडताल पर जाने पर आप उनके साथ नही रहे और क्‍यो कि स्‍टे सिर्फ पैरामेडिकल स्‍टाफ की भर्ती पर आया हैा हमारे भर्ती पर स्‍टे नही आया है इसलिये हमे तो अभी डाक्‍युमेन्‍ट वेरिफशिन आचार सहिता से पूर्व करवाने पर ही जोर देना है

Date 11.09.2013

IMPORTANT NEWS :  Nursing Cadder par High Court Dwara Stay aaya hai or Nursing Staff Strike Par Ja Raha Hai Management Cadder Vacancy Ki Late 09/09/2013 Close Hui Hai Or Document Verification Baki hai Jo Aachar Sanhita se Pahle Karwana Hai So Aap Sabhi se Reqest hai ki Hum Sabhi Management Cadre With Accountant Par koi Stay Abhi Tak Nahi aaya hai . So all Management Cadder Employee se Request hai ki Wo Union Ke Anusar Chale or Kisi Bhi STRIKE or AVAKASH me Bhag na Leve.  ISKE BARE ME UNION FAISLA LEGI OR WEB-SITE PAR DAL DIYA JAYEGA Philhal Koi Strike Nahi Karni Hai.

 

दोस्तों, सादर, नमस्कार ,MMJRK , RMRS, NRHM,AIDS,TB UNIT,IDSP & NGO, aur baki sabhi medical ke DEO/CO ke LIYE SANDESH -

Kal CRA ki LAST DATE Nikal chuki hai , ab aur DATE Nahi BADEGI.

Ab apna agla kadam - Jaladi se Jaladi ,Documents Verification ki List Nikalwana hai , Jiske liye aapko ab ACTIVE ho jana hai,

AAPKO ROJ is (www.mmbpljrk.hpage.com)  website ko dekhte rahna hai,

AB HAR DIN Bahut KIMATI hai,

Isliye aapse Nivedan hai ek din bhi website ko dekhna miss nahi kare.

Agar aap Union ki website ko dekhna miss kar dege to aap Important Suchna se Vanchit ho jayege..

CRA News __________________________________

Total Form 24869 aaye hai aur OFFLINE FORM - 500 aaye hai -= grand total huyi = 25369 form CRA ke aaye hai .9-09-2013 ko Raat 11.00 PM tak.......Matlab 25369 form CRA ke aane ki Sambhavana hai ..Inme kuch sankhya kam - jayada ho sakati hai.....

REQUEST - COURT CASE KARNE WALE DEO/CO & OTHERS -

MMJRK , RMRS, NRHM,AIDS,TB UNIT,IDSP & NGO, aur baki sabhi medical ke DEO/CO se Request hai ki Jin DEO/CO ne ONE YEAR DIPLOMA judwane ke liye High Court me Case kiya tha, Unko ab Jaldi se Jaldi Apne Advocate ya Vakil sahab se baat karke , Apni Yachika ko , ek Application , Vakil sahab se likhva kar CASE vapas le lene ki karyavahi Jalad se Jalad karani chahiye taki Sarkaar - Court Case ke mamle me na ualajh kar , apne ko Verification ke liye bula sake......

aap agar One Year Diploma ka Case , court se vapas nahi lege to Sarkaar Case ka Result aane tak , apne ko Verification ke liye nahi bulayegi , isliye aapse HATH Jodkar NiVEDAN hai ki AAP, Apne Vakil sahab se Personally  mil kar, Court Case vapas lene ki karyavahi kare..Jisse Case Vidaral kiya ja sake ...

Apni Vacancy yani CRA ki Bharati par STAY Lagne ke 98% Chance hai kyoki abhi tak esi koi bhi Bharati nahi huyi hai jis par ki STAY (High Court ka) nahi laga ho...

Stay se bachane ke liye aur Varification Jaldi karvane ke liye Jis Din aapko JaiPur bulaya jaye aap jarur aaye...

to please aap ACTIVE rahe ...Roj din me time milte hi is website ko dekhe aur apne sathi karmik jo CRA ki puri Yagyata Rakhte hai unko bhi CRA News roj bataye...website par batayi gyi baato par dhyan deve taki Verification jalad se jalad ho sake...

Any Query Contact (moblie number )- Papu Choudhary 9829277950 , 9602410354

 


Dated- 08-09-2013_ {News -1} TIME 09.18 AM

12-09-13 ko High court me 70/30 yani Bonus Marks ke bare me suvai aur DECISION dono hai ,,

Agar 12-09-2013 ko fesala apne FAVOUR me aata hai to 80000 Hazar Savida karmiyo  ka Bhvishya ban jayega , aur agar apne FAVOUR me nahi aata hai to phir Sarkaar se apni mang , manwane ke liye dusara rasta apnana hi hoga.....

 

 

 

जोधपुर।राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य में 28 हजार से अधिक नर्स ग्रेड (द्वितीय)

 

 

व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पदों पर की जा रही सीधी भर्ती पर रोक लगा दी है।

 

 

साथ ही उच्च न्यायालय ने सीधी भर्ती में अभ्यर्थियों को बोनस

 

 

अंक दिए जाने के विवाद को हल के लिए वृहद्पीठ को भेज दिया।

वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने महेन्द्र कुमार व अन्य की ओर से दायर रिट

 

 

याचिकाओं की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। हाईकोर्ट ने चिकित्सा विभाग

 

 

की ओर से 26 फरवरी को जारी विज्ञप्ति के तहत नियमित चयन प्रक्रिया पर रोक

 

 

लगाने के साथ ही राज्य सरकार को जनहित में आवश्यकता होने पर अस्थाई कर्मचारियों

 

 

की नियुक्ति नियम 27 के तहत करने की छूट दी है। 

हाईकोर्ट ने उठाए सवाल: न्यायाधीश व्यास ने अपने 30 पृष्ठ के विस्तृत फैसले में कहा कि

 

 

राज्य सरकार द्वारा इस सीधी भर्ती से पूर्व 6 फरवरी 2013 को जारी अधिसूचना, जिससे

 

 

नियम 19 में बदलाव कर बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान क्या उच्चतम न्यायालय की

 

 

संवैधानिक पीठ द्वारा उमादेवी के मामले में पारित सिद्धांतों के विरूद्ध नहीं है। 

कोर्ट ने सवाल उठाया कि बोनस अंक की आड़ में संविदा पर लगे कर्मचारियों को पिछले रास्ते

 

 

से नियमित किया जाना तो नही हैं। उच्च न्यायालय ने वृहदपीठ से कहा कि नियम 19

 

 

में संशोधन द्वारा शैक्षणिक योग्यता के अंकों के स्थान पर उनका औसत 70 प्रतिशत अंक

 

 

ही गिना जाना बिना नियम 11 में संशोधन किए उचित है ? एकलपीठ ने कहा कि बिना

 

 

नियम 11 में संशोधन किए बोनस अंक दिए जा रहे हैं। 

बोनस अंकों को दी थी चुनौती

याचिकाकर्ता ने बोनस अंक दिए जाने को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि शैक्षणिक

 

 

योग्यता के अंकों की पूर्ण गणना किए जाने के बजाय उनका औसत 70 प्रतिशत गिना

 

 

जाना और बोनस अंक मात्र सरकारी योजनाओं में कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को दिया

 

 

जाना अनुचित ही नहीं बल्कि नियम 11 के विरूद्ध है। 

सरकार के तर्क

राज्य सरकार की ओर से राजकीय अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने याचिकाकर्ताओं के तर्को

 

 

का विरोध करते हुए कहा कि सरकार को ऎसा करने का पूर्ण अधिकार है। उनका कहना था

 

 

कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में कार्यरत नर्सिग

 

स्टाफ को बोनस अंक देना विधिसम्मत है।

दिनांक 2 सितम्‍बर 2013 आज एक बार और एनआरएचएम भर्ती प्रक्रिया की दिनांक 9 सितम्‍बर तक बढा दी गई है तथा साथ ही हमारी मांगो को मानते हुए 1 साल का कम्‍प्‍युटर कोर्स और औ लेवल को योग्‍यता मे शामिल कर लिया गया है अब एनआरएचएम मे लगे सभी ऑपरेटर्स का नियमित होने मे कोई परेशानी नही होगी साथ ही आज हमारी एकता की जीत हुई है और सभी ऑपरेटर्स के प्रतिनधियो को मै सभी ऑपरेटर्स की ओर से धन्‍यवाद देना चाहता हू कि उनकी अथक प्रयास एवं मेहनत से हमारी योग्‍यता मे चाहा गया परिवर्तन सरकार द्वारा किया गया तथा मे दूसरे केडर जो ऑपरेटर को तारखि बढवाने के लिये जिम्‍मेदार बता रहे थे उनसे कहना चाहता हॅू कि हम हमारे किसी भी ऑपरेटर्स भाई के साथ अन्‍याय नही होने देना चाहते है इसलिये लगभग 300 ऑपरेटर्स जिनके 1 साल का कम्‍प्‍युटर कोर्स था बाहर हो रहे थे इसलिये हमने हमारी मांग रखी और संशोधन होने तक प्रक्रिया जारी रखने का निवेदन किया यह हमारी एकता है 

       दिनांक बढेने के ऑडर के लिये क्लिक करे

9 सितम्‍बर 2013          

Date Extion 9-9-2013

 दिनांक 27 अगस्‍त 2013 आप सभी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्ससे निवेदन है कि अपनी प्रक्रिया जल्‍दी से जल्‍दी पूर्ण करवाने हेतु जन्‍माष्‍टमी केअगले दिन यानि कि जयपुर जिले मे जिस दिन जन्‍माष्‍टमी का अवकाश घोषित होता है उसके अगले दिन आप सभी सुबह 8 बजे सिविल लाईन सीएम आवास केयहा एकत्र्ित होना है इसलिये आप सभी जयपुर आवे और सरकार से निवेदन करना है कि हमारी प्रक्रिया जल्‍दी से जल्‍दी पूर्ण की जावे अधिक जानकारी के लिये आप पप्‍पु चौधरी से बात करे

 

आप सभी को क़ष्‍ण जन्‍मोसव की हार्दिक शुभकामनाऐं हेप्‍पी जन्‍माष्‍टमी ऑल ऑपरेटर्स

नन्‍द के घर आनन्‍द भयो जय कन्‍हैया लाल की जरा झुला झुलाओ क़ष्‍ण कन्‍हैया लाल को आपकी मनोकामना पूरी होगी

 

 

 

 



दिनांक 21 अगस्‍त 2013 आप सभी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्स से निवेदन है कि आप सभी कल दिनांक 22 अगस्‍त 2013 गुरूवार को अधिक से अधिक संख्‍या में दुरू मिया स्‍वासथ्‍य मंत्र्ी महोदय से मिलना हैॅ इसलिये सभी केडर के लोग आ रहे है क्‍यो कि अपनी वेकेन्‍सी मे देरी होती जा रही है इसलिये प्रक्रिया शीघ्र पूरी करवाने हेतु माननीय मंत्र्ी महोदय से मिलकर वार्ता करेगे इसलिये आप भारी संख्‍या मे जयपुर पहुचे


सभी को स्‍वतन्‍त्र्ाता दिवस एवं रक्षा बन्‍धन की हार्दिक शुभकामनाऐं साथ ही आज हमारे एक मित्र् करोली के डीईओ श्री रामकुमार जी का चयन न्‍यायीक सेवा मे हो गया है मेरी और मेरे सभी एनआरएचएम कार्मिको की ओर से राम कुमार जी को हार्दिक बधाई एवं हम भगवान से यही दुआ करते हे कि आप इसी प्रकार प्रगति के पथ पर निरन्‍तर बढते रहेा


आप सभी को रक्षा बन्‍धन की हार्दिक शुभकामनाऐं


Date 16/08/2013 jis bat ki sambhawana thi vahi hui or apni bharti ki date aage bada di gai hai ab tokan 29 aug 13 & Form bharne ki last Date 30 aug 2013 kar di gai hai ab to apni bharti achar sahita me fasegi hi

extention order ke liye neeche click kare

NRHM Bharti Date Extention Order


दिनांक 12 अगस्‍त 2013 आज तक भी कोर्ट या फिर सरकार की तरफ से किसी प्रकार का क्‍वालिफिकेशन मे परिवर्तन नही किया गया है जिससे डीईओ और कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्स जिन्‍होने 1 साल का कोर्स कर रखा है उनके बाहर होने की सम्‍भावना हो गई है इसलिये मेरा आप सभी से निवेदन है कि आप जयपुर आये और मुख्‍यमंत्र्ी  स्‍वास्‍थ्‍य मंत्र्ी पीएचएस एमडी आदि से मिलकर ज्ञापन देवे और उसमे उनसे कहे कि अगर आप क्‍वालिफिकेशन मे चेन्‍ज नही कर सकते हो तो हमे आशा सुपरवाईजर की पोस्‍ट पर बोनस अंक एवं अनुभव लगाने की अनुमति प्रदान कराये जेसे कि आपने जिला नोडल अधिकारी को एमसीए नही होने पर क्लिनिकल अभिलेख सहायक हेतु बोनस अंक देने एवं अनुभव प्रमाण पत्र् बनवाने के ऑडर दिये है उसी प्रकार हमे भी किसी अन्‍य पोस्‍ट जेसे कि आशा सुपरवाईजर के पद हेतु बोनस अंक एवं अनुभव प्रमाण पत्र् जारी करने के आदेश सीएमएचओ को देवे और यह कार्य आपको आज ही करना होगा नही तो अन्तिम दिनांक पास आ गई है अब आप सोये तो समझो सब कुछ खो दोगे इसलिये आप प्रयास करे साथ मेने जिला नोडल अधिकारी को सीआरए पद हेतु अनुभव जारी करने के ऑडर की कोपी नीचे लगा रखी है जिसे साथ लेकर जयपुर जावेा और यह ऑडर आप वकील को भी देवे जिससे कोर्ट से भी सहायता मिल सके और नर्णिय अपने पक्ष मे हो सके


दिनांक 7 अगस्‍त 2013 जयपुर से पत्र् आया है जिसमें जिला नोडल अधिकारी को भी क्लिनिकल अभिलेख सहायक हेतु बोनस अंक दिये जा रहे है पञ देखने के लिये नीचे क्लिक करे

जिला नोडल अधिकारी से सीआरए

दिनांक 6 अगस्‍त 2013 आप सभी को हरियाली अमावस्‍या की हार्दिक शुभकामनाऐं साथ ही आप से एक निवेदन है कि पीआईपी मे डीईओ और कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर की सेलेरी कम होकर आई है जो कि डीपीएम एवं डीएएम की गलत सूचना सरकार को भिजवाने से हुआ है जिसमे उनकी गलती की सजा हमे मिल रही है जिसे हम सहन नही करेगे और आप सभी अपने अपने जिले मे जिला कलेक्‍टर एवं सीएमएचओ को ज्ञापन देवे और पीएचएस एव एमडी को भी मेल करे साथ ही समाचार पत्र्ो मे भी समाचार देवे जिससे अधिकारी जागे और हमारी बात सुन कर हमारे साथ हुए अन्‍याय को जाने और गलती करने वालो के विरूद्व कार्यवाही करे आप साथ ही अपने जिले मे किसी वकील से मिलकर उससे पे टू प्रोटेक्‍स के तहत केस दायर करने के बारे मे सलाह लेवे और केस दायर करे साथ ही उच्‍चाधिकारीयो को ज्ञापन देकर बताये कि एनआरएचएम के जिलास्‍तर से गलत सूचना भिजवाकर और सभी जिलो में गुट बनाकर हमारे विरूद्व देषतापूर्वक कार्य करते हुए हमारी सेलेरी कम करके पीआईपी मे स्‍वीक़ति हेतु भिजवाई गई जिससे हमे आर्थिक समास्‍या का सामना करना पड रहा है और कुछ जिलो मे तो सेलेरी कम करके भी दे दी है और अप्रेल से वेतन दिया गया उसकी रिकवरी की बात कर रहे है जो कि सरासर गलत है और आगे से राज्‍य सरकार के निर्देशो का पालन नही कर जिलास्‍तर से सरकार को गलत सूचना भिजवाकर कार्य के प्रति कोताही बरती गई इसलिये उनके खिलाफ कार्यवाही करते हुए जब तक पीआईपी मे बजट नही आता है तब तक् जिलास्‍तार के एनआरएचएम के कार्मिको जिनकी गलती से बजट कम हो गया है उनके वेतन से भुगतान किया जावे और ऐसा पहली बार हुआ है कि पोस्‍टीग स्‍थल के अनुसार वेतन का नधर्िारन किया गया है जबकि हमेशा पोस्‍ट के हिसाब से ही वेतन दिया जाता है लेकिन हमारे उच्‍चाधिकारीयो की गलत सूचना से आज स्‍वास्‍थ्‍य वभिाग मे जिला स्‍तर पर लगे ऑपरेटर को 6500 और खण्‍डस्‍तार के ऑपरेटर को 7800 वेतन दिया जा रहा है जबकि उनकी नियुक्ति समान पद पर हुई है जो कि जिलास्‍तर के अधिकारीयो के कार्य के प्रति लापरवाही को बताता है इसके विरूद्व हमे आवाज उठानी होगी और आप आज से ही प्रयास करे और ज्ञापन, समाचार पत्र्ो की न्‍युज मेल करे जिससे इसे साइट पर प्रकाशीत किया जा सके जिससे दूसरे जिले भी जागे और अपने हक की लडाई लडे और मुझे विश्‍वास है कि हम सब एक होकर लडगे तो सफलता हमारे कदम चुमेगी

 

दिनांक 6 अगस्‍त 2013 आप सभी को हरियाली अमावस्‍या की हार्दिक शुभकामनाऐं और आप को पता ही होगा कि पीआईपी में डीईओ और कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर का वेतन कम होकर आया है जिससे कुछ जिलो में वेतन कम दिया जा रहा है और अप्रेल से दिये गये वेतन मे से रिकवरी करने की बात कही जा रही है इसलिये आप सभी जिनके भी वेतन में कमी हुई है वो सभी साथ जाकर कलेक्‍टर एवं सीएमएचओ को ज्ञापन देवे और एमडी एवं पीएचएस को भी मेल द्वारा ज्ञापन भिजवाये एवं इससे अगर कोई फर्क नही पडता है तो आप मिडिया में भी देवे और कोर्ट में सभी अपने अपने जिले में वकील से बात कर केस करे पे टू प्रोटेक्‍स के तहत और उसमे यह बात अवश्‍य लखिाये कि डीपीएम एवं डीएएम ने गुटबाजी करके सभी जिलो में एकता कर डीईओ के विरूद्व विश्‍वासघात करते हुए पीआईपी बनाकर सरकार को भिजवाई गई है जिससे उन्‍होने कार्य के प्रति लापरवाही बरती है और राजकीय कार्य में कोताही बरत कर सरकार को गलत सूचना भिजवाई है जिससे उनके विरूद्व कार्यवाही करवाई जावे और पीआईपी भेजी गई उस वर्ष भी डीईओ कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर का वेतन ज्‍यादा था जिसे 10 प्रतशित बढाकर भिजवाना था जिसे उन्‍होने 10 प्रतशित कम कर भिजवाया गया और साथ उन्‍होने सरकार को गलत सूचना भिजवाई है और कभी भी ऐसा नही होता है कि पोस्‍ट समान होने पर पोस्‍टीग पेलेस कार्य स्‍थल के आधार पर किसी की सेलेरी का नर्णिय किया गया हो लेकिन हमारे एनआरएचएम के जिला अधिकारीयो ने ऐसा किया है जो ऑपरेटर्स एक साथ एवं समान पद पर नियुक्ति हुई है उनके वेतन मे भी असमानता कर दिया है जैसे की जिले में कार्य कर रहे परीवार कल्‍याण एवं हेल्‍थ मे लगे ऑपरेटर का वेतन 6500 कर दिया गया है जबकि उन्‍ही के साथ पदस्‍थापित ब्‍लॉक ऑपरेटर्स को 7800 वेतन दिया जा रहा है जो कि गलत है और ऐसा आज तक किसी भी वभिाग में नही हुआ है अत आप आज ही सीएमएचओ और कलेक्‍टर महोदय को ज्ञापन देवे और उसकी एक कॉपी मेल करे और अखबार मे भी समाचार देवे और उसकी कोपी अपनी मेल आईडी पर भेजे जिससे उसे इस साइट पर डाला जा सके और कुछ जिले जो सो रहे है उन्‍हे भी जगाया जा सके ा

साथ ही और भी किसी तरह की परेशानी होने पर अपने जिला अध्‍यक्ष से सर्म्‍पक करे और अपने हक के लिये लडने में डरे नही क्‍यो कि हक के लिये तो स्‍वंय को ही लडना होगा

दिनांक 31 जुलाई 2013 आज कोर्ट ने कोपा वालो की रिट पर सरकार से 7 दिवस में जवाब मांगा है और दूसरे केस में भी यही फेसला होगा और सभी को जिनके 1 साल का कम्‍प्‍युटर कोर्स है उन्‍ह सभी को क्लिनिकल अभिलेख सहायक मे फार्म भरने की योग्‍यता रखी जायेगी अत आप अपना अनुभव प्रमाण पत्र् अवश्‍य बनवाये और अन्तिम दिनांक भी 16 अगस्‍त हो गई है


दिनांक 30 जुलाई 2013 आज राजस्‍वास्‍थ्‍य पर एनआरएचएम की फार्म सबमित करने की अन्तिम दिनांक 16 अगस्‍त 2013 हो गई है और इससे लगता है कि शायद अब भर्ती प्रक्रिया आचार संहिता में फस सकती है और साथ ही यह भी सम्‍भावना बन रही है कि स्‍वास्‍थ्‍य वभिाग में भी बोनस अंक देने पर रोक लग सकती है इसलिये आप जहा भी मुख्‍यमंत्र्ी मंत्र्ी या वधिायको का कार्यक्रम हो वहा पर आप उन्‍हे ज्ञापन देवे कि भर्ती प्रकिया सीघ्र से शीघ्र पूरी करवाने की क़पा करावेा

आदेश की प्रति के लिये यहा क्लिक करे      फार्म भरने की दिनांक 16 अगस्‍त 2013


 

दिनांक 26 जुलाई 2013 अधिकारीयो के स्‍पष्‍ट जवाब नही देने के कारण आज 30 कम्‍प्‍युटर ऑपरेटरो ने जयपुर कोर्ट में रिट लगा दी है


दिनांक 23 जुलाई 2013 आज जयपुर में अधिकारीयो को ज्ञापन दिया गया जिसमे क्‍वालिफिकेशन 1 साल कम्‍प्‍युटर कोर्स करने की मांग की गई अधिकारीयो द्वारा कोई स्‍पष्‍ट जवाब नही दिया गया जिससे आप सभी से अनुरोध है कि जिसके भी ए लेवल बीसीए या पीजीडीसीए कोर्स नही है वो सभी 25 जुलाई को जयपुर स्‍वास्‍थ्‍य भवन में सुबह 8 बजे पहुचे और अधिकारीयो को ज्ञापन देवे और उन पर दबाव बनावे अगर 25 जुलाई को साय 4 बजे तक कोई ऑर्डर नही मिलता है तो हम सभी को सामुहिक रूप से कोर्ट मे रिट दायर करेगे जो कि सभी कागजी कार्यवाही उसी दिन करनी होगी जिससे 26 जुलाई 2013 को प्रात कोर्ट खुलते ही रिट लगाई जा सके और सभी के एक साथ रिट लगाने से सरकार पर ज्‍यादा दबाव पडेगा और रिट का भार भी कम आयेगा इसलिये सभी 25 जुलाई का आवश्‍यक कागजात एवं रूपये लेकर जयपुर आये जिससे नर्णिय पक्ष मे नही होने पर जयपुर मे ही केस दायर किया जा सके यह आपके पास आखरी मौका है क्‍यो कि फार्म भरने की अन्‍तीम दिनांक निकट आ रही है इसलिये आप अपना भविष्‍य को देखते हुए अवश्‍य आये ा


दिनांक 22 जुलाई 2013 भाईयो आपकी एक माग पुरी हो चुकी है और बोनस अंक के लिये कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर को आज विज्ञप्ति में जोड दिया गया है तथा अकाउन्‍टेट को जुनीयर अकाउन्‍टेट जोड दिया है जिससे अब सभी को बोनस व अनुभव मिलने में कोई परेशानी नही होगी आज ही आप अनुभव प्रमाण जल्‍द से जल्‍द बनाकर फार्म सबमिट करावे

आर्डर के लिये यहा क्लिक करे CO abail to CRA

दिनांक 17 जुलाई 2013 आज भी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्स के बारे में कोई स्‍पष्‍ट नर्णिय नही हो पाया एवं अधिकारीयो से जयपुर गये प्रतिनिधियो की वार्ता चल रही है तथा कुछ लोग अफवाहे फेला रहे है कि विज्ञप्ति पर स्‍टे लग गया है जो कि गलत है क्‍यो कि सरकार ने विज्ञप्ति पर 12 जुलाई को ही केवेट लगा दी थी और इसके बारे मे इस साइट पर 12 जुलाई को ही आपको जानकारी दे दी गई फिर भी बहुत से दोस्‍तो के फोन मेरे पास आये कि विज्ञप्ति पर रोक लग गई है क्‍या जो कि अफवाहे है और आज सरकार ने अखबार मे न्‍यूज देकर साफ कर दिया है कि विज्ञप्ति पर केवेट ले रखी है जिससे इस पर स्‍टे लगना सम्‍भव नही है और मेरी आपसे प्रार्थना है कि जो भी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्स योग्‍यता के कारण बाहर हो रहे है वो सोमवार को जयपुर अवश्‍य आये साथ ही अपने साथ फण्‍ड भी लेकर आये जिससे अपनी रणनिति बन सके और सोमवार और मंगलवार को जयपुर मे ही रूकना पड सकता है तथा नियमो मे बदलाव कराने के लिये हमे अधिकारीयो पर दबाव डालना होगा जो कि हमारी अधिक से अधिक संख्‍या मे जयपुर आने पर ही हो सकता है और जो भी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर डीईओ के नाम से अनुभव बनवा रहे है वो मंगलवार तक का इन्‍तजार करे क्‍यो कि अधिकारीयो से वार्ता चल रही है और मंगलवार तक विज्ञप्ति में डीईओ के साथ सीओ भी जोडने का प्रया स किया जा रहा है अगर गलत तरीके से डीईओ के नाम से अनुभव बनाकर फार्म सबमिट किया गया तो हो सकता है आपका फार्म रिजेक्‍ट हो जाये जिसके लिये हम आपको पहले ही सावचेत कर रहे है तथा सीओ को नियमो मे जोडने के लिये आप सभी सोमवार को जयपुर अवश्‍य आये आपको यह आखरी बार जयपुर बुलाया जा रहा है इस बार अगर कुछ भी नही होता है तो फिर आपको कभी भी कम्‍प्‍युटर यूनियन के द्वारा जयपुर नही बुलाया जायेगा तथा फिर आप अपने स्‍तर पर कार्यवाही करनी होगी जिसमे खर्चा अधिक होगा अत आप जयपुर आये और सगठन के साथ प्रयत्‍न करे तो कम खर्च मे ही आपका काम हो सकता है इसलिये इस बार गम्‍भीरता से यह बात सोचे कि आपका काम है आपको ही करना है और आपको जयपुर अवश्‍य आना है  तथा कम्‍प्‍युटर कार्यकारीणी के किसी भी सदस्‍य का किसी भी वकील से कोई लेना देना नही है अत आप कोर्ट मे जाते हो तो आप अपने विवेक एवं इच्‍छा से वकील कर सकते हो इसमे किसी भी प्रदेश कार्यकारणी या कम्‍प्‍युटर यूनियन को किसी भी प्रकार की आपति नही है

आज की न्‍युज के लिये नीचे देखे


दिनांक 16 जुलाई 2013 जयपुर मे गये ऑपरेटर्स द्वारा मिली सूचना के अनुसार योग्‍यता मे किसी भी प्रकार के बदलाव के बारे में अधिकारीयो ने आश्‍वस्‍त नही किया है और अधिकारीयो द्वारा कहा जा रहा है कि नियम बन चुके है इसलिये इसमे बदलाव की सम्भावना कम है जिससे जिनके पास ओ लेवल , कोपा, डीसीए या अन्‍य कोई डिग्री है उसे नियमित भर्ती में मान्‍य नही होगी और सिर्फ बीसीए, ए लेवल, पीजीडीसीए को ही मान्‍यता है इसलिये आप सभी अधिक से अधिक संख्‍या मे जयपुर पहुचे और अधिकारीयो एवं नेताओ पर दबाव बनाये तथा विश्‍वस्‍ञ सूत्र्ो से मिली जानकारी के अनुसार विज्ञप्ति में  बनाये गये नियमो मे बोनस अंक वाले नियम 8 के चौथे बिन्‍दु के 11 क्रमांक पर भी डाटा एन्‍टी ऑपरेटस के साथ कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर का नाम नही लखिा जा रहा है जिससे कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर को बोनस अंक मिलने मे परेशानी हो सकती है अत आप सभी से निवेदन है कि आप सभी जयपुर पहुचे और सोमवार से जयपूर मे बैठे हुए अपने भाईयो का साथ देवे और अधिक से अधिक संख्‍या मे जयपुर पहुचे और अपनी ताकत एवं सगठन की शक्ति अधिकारीयो को बतानी होगी यह आपके पास आखरी मौका है इसलिये यह चुके तो समझो फिर सरकारी नौकरी सिर्फ सपने मे ही मिलेगी इससे ज्‍यादा आपको क्‍या कहे आप स्‍वंय समझदार और पढे लखिे हो  

अधिक जानकारी के लिये सम्‍पर्क करे  पप्‍पू चौधरी   9829277950

 

दिनांक 15 जुलाई 2013 आज के राजस्‍थान पत्र्िका मे छपी खबर के अनुसार राजस्‍थान से बाहर से डिग्री डिप्‍लोमा करने वालो को सरकार नौकर देने के लिये तैयार नही है नीचे समाचार की कटिग लगा रखी है यह नरेगा में हुआ है जो कि अपने साथ भी हो सकता है अत- एक वर्षीय कम्‍प्‍युटर कोर्स को अपनी विज्ञप्ति में योग्‍यता बनवाना बहुत ही आवश्‍यक है

दिनांक 14 जुलाई 2013 आप सभी से निवेदन है कि आप सोमवार को जयपुर पधारे और हमारा प्रयास होगा कि हमारी भर्ती के समय जो योग्‍यता रखी गई थी उसे ही किलीनीकल अभिलेख सहायक मे भी रखी जावे यानि 1 साल का किसी भी मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍थान से कम्‍प्‍युटर कोर्स एवं शैक्षणिक योग्‍यता जिससे सभी का नम्‍बर नियमित भ‍र्ती मे आ सके क्‍यो कि बाकि की पोस्‍टो मे भर्ती के समय रखी गई योग्‍यता मे भी छूट दी गई है जबकि हमे योग्‍यता और बढा दी गई है जो की गलत है और हमारे साथ अन्‍याय है इसके लिये हम सभी को इस अन्‍याय के खिलाफ आवाज बुलन्‍द करनी होगी तथा कुछ ऑपरेटर्स जो कि पीजीडीसीए या ए लेवल है वो अपना अलग गुट बना रहे है जो कि अच्‍छी बात नही है क्‍यो कि भर्ती प्रक्रिया मे उन्‍हे भी परेशानी आ सकती है क्‍यो कि सरकार ने नरेगा मे राजस्‍थान के बाहर की डिग्रीयो को सन्‍देह मे रख रही है अत सभी मिलकर एक ही मांग करो कि हमारी भर्ती के समय रखी जो 1 साल का कोर्स किसी भी कम्‍प्‍युटर संस्‍थान या विश्‍व वधिालय से मान्‍य है वो योग्‍य है वही योग्‍यता इसमे रखवाने का प्रयास करना है इसलिये मेरा आपसे निवेदन है कि आप सभी एक रहे और सभी मिलकर प्रयास करे अपनी एकता को नही तोडे नही तो अपना हाल भी उस 3 बैलो वाली कहानी मे बैलो का हाल हुआ वैसा ही होगाा


दिनांक 12 जुलाई सरकार द्वारा सभी एनआरएचएम कार्मिको के लिये विज्ञप्ति जारी कर दी गई है साथ ही सरकार ने इस विज्ञप्ति पर केवेट लगा दी गई है आप केवेट को देखना चाहते है तो यहा पर क्ल्कि करे या राजस्‍थान पत्र्िका 12 जुलाई 2013 जोधपुर संस्‍करण मे पेज नम्‍बर 20 पर देखे

Cevet Copy   केवेट कॉपी


दिनांक 12 जुलाई 2013 सभी एनआरएचएम डीईओ सीओ या अन्‍य कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर जिनकी योग्‍यता बीसीए, ए लेवल, पीजीडीसीए आदि के अलावा कोई डिग्री कर रखी हो उन सभी से निवेदन है कि वो सभी दिनांक  15 जुलाई 2013 सोमवार को प्रात 10 बजे तक स्‍वास्‍थ्‍य भवन पहुचे और अपनी समस्‍याओ से अधिकारीयो एवं जनप्रतिनिधियो को अवगत कराकर समस्‍या का समाधान करवाने का प्रयास करे जिससे सभी को नियमित होने में किसी प्रकार की समस्‍या नही आये यह आपका अपना काम है इसलिये अब आप चुप नही बैठे और यह आपके पास आखिरी मौका है इसलिये अधिक से अधिक संख्‍या मे जयपुर पहुचे जिससे सभी की समस्‍याओ का समाधान किया जा सके और सभी भाईयो के नियमित होने का रास्‍ता साफ हो सके अभी आज कुछ कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर CS साहब से मिले तो उन्‍होने बताया कि आपका काम हो जाना चाहिये था नही होने का कारण पीएचएस साहब से मिले तो पीएचएस साहब के छूटी पर होने से मुलाकात नही हो सकी इसलिये सभी से निवेदन है कि आप सभी सोमवार को जयपुर स्‍वास्‍थ्‍य भवन के सामने पार्क में सुबह 10 बजे तक किसी भी हालत मे जरूर पहुचे जिससे समस्‍या का हल उसी दिन निकलाया जा सके ा

Vicpti ki liye click Here NRHM Puri Vigpty


 

NOTIFICTION OTHER NRHM WORKER

DATE 09-07-2013 AAJ DOP PAR NOTIFICATION AA GAYA HAI JISME SAF HO GAYA HAI KI CRA KI QULIFICTION PGDCA AND BCA AND A LEVAL RAKHI GAI HAI ISLIYE AAP AAJ HI PRASH JARI KARE

 


Farji Univarcity ki jankari ke liye yaha par Click kare Farji Univarcity of India


दिनांक 7 जुलाई 2013 प्‍यारे दोस्‍तो क्लिनिकल रिेकार्ड असिस्‍टेट की योग्‍यता पीजीडीसीए एवं ए लेवल ही रखी है अत जिसके पास इसके अलावा दूसरी योग्‍यता हो वो अपनी पूरी जानकारी साइट पर दिये गये पते पर मेल करे एवं आगे कि रणनीति बनाने एवं उन्‍हे इस पद के योग्‍य रखने हेतु फण्‍ड की आवश्‍यकता होगी इसलिये जो भी इस योग्‍यता के अलावा दूसरी योग्‍यता रखते हो वो फण्‍ड प्रतिव्‍यक्ति 1000 रू एकत्र्ित करके जिले मे किसी एक व्‍यक्ति को जमा करावे और उसका नाम एवं मोबाईल नम्‍बर इस साइट पर दिये गये मेल पते या मोबाईल नम्‍बर पर एसएमएस करे जिससे आगे की रणनिति बनाई जा सके और किसी के भी साथ अन्‍याय नही हो यह हम चाहते है और मेडिकल वभिाग मे कार्यरत कोई भी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटस नियमित होने से वंचित नही रखे इसका हम पूरा प्रयास करेगे अब भी अगर कोई इसमे रूचि नही लेता है या उसको हमारे उपर विश्‍वास नही हो तो वह अपने स्‍तर पर प्रयास करे ा

 

 सूचना सहायक परीक्षा 2013 का प्रश्‍न पत्र् एवं उत्‍तरो देखने के लिये यहा क्ल्कि करे 

सूचना सहायक 2013 प्रश्‍न पत्र् उत्‍तर सहीत 


प्रिय दोस्‍तो आज राजस्‍वास्‍यि पर सूचना सहायक की सेक्‍सन आई है 

वित वभिाग से सेक्‍सन देखने  के लिये यहा क्लिक करे

AI Section 1848

सूचना सहायक मेडिकल वभिाग

क्लिनिकल रिकार्ड असिस्‍टेट एवं अन्‍य वर्गो की विश्रप्ति के लिये यहा क्लिक करे

CRA


दिनांक 3 जुलाई 2013 सभी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्स को बधाई आप की मेहनत रंग लाई और हमारी पोस्‍टे 4309 हो गई है अब सभी एनआरएचएम सीएमबीपीएल आईडीएसपी आरसीएचओ टीबी मे लगे सभी का नम्‍बर 100 प्रतशित आ जायेगा चाहे उसके 12 मे 10 मे बीए मे 33 प्रतशित अंक ही प्राप्‍त किये हो इसलिये मेरा सभी से निवेदन है कि अब आध्‍प किसी भी प्रकार की चिन्‍ता नही करे और किसी के योग्‍यता मे कोई समस्‍या आ रही है जिसके फोन मेरे पास आ रहे है उनका काम भी हो जायेगा और हमारी जयपुर मे अधिकारीयो एवं जनप्रतिनिधियो से बात चल रही है जिससे इस समस्‍या का भी समाधान हो जायेगा फिर भी मेरी आपसे विनती है कि आप अपना पूर्ण बायोडेटा जिसमे सभी योग्‍यता का विवरण मेलएडेस मोबाईन नम्‍बर एवं पदस्‍थापन स्‍थान जन्‍मतिथि हो उसे जल्‍दी से जल्‍दी मेल करे जिससे हम सही जानकारी मिले कि कितने व्‍यक्ति हे जो योग्‍यता के आधार पर बाहर होने का खतरा है जिससे हम एक सही फिगर लेकर अधिकारीयो से बात कर समस्‍या का समाधान कर सके ा

 हमारा प्रयास सदा यही रहा है और अब भी यही है कि मेरे किसी भी भाई या बहिन जो मेडिकल वभिाग मे कम्‍प्‍युटर का कार्य कर रहा रही है उसमे से कोई भी नियमित होने से वंचित नही रहे और हमारा प्रयास जारी है लेकिन आप भी प्रयासरत रहे और अपने स्‍तर से भी कुछ कार्य करे जिसमे अधिकारीयो एवं नेताओ मुख्‍यमत्र्ी एवं चिकित्‍सा मंत्र्ी के नाम ज्ञापन देवे जिसमे योग्‍यता डीसीए औ लेवल एवं अन्‍य जो भी आपने कर रखा हो लखि कर सभी जिलो से फैक्‍स ज्ञापन भेजे कलेक्‍टर महोदय के माध्‍यम से मुख्‍यमंत्र्ी महोदय के नाम देवे और भी आप अपने स्‍तर से जो बेहतर विकल्‍प हो करेा

इसी के साथ मै पप्‍पु चौधरी ओम प्रकाश विष्‍णु अन्तिम सिघल राजाराम आदि ने सहयोग दिया उन्‍ह सभी का धन्‍यवाद  

 

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DATE 03/07/2013 ALL DEO'S CONGRATULATION AAP KI MAHNAT RANG LAI OR HUMARI POSTE 6 GUNA HO GAI AAP SABHI BADAI KE PATRA HAI JINKI MAHNAT OR SAHYOG SE HUM KAMYAB HO SAKE AB AAP SABHI IK KAM KARE OR APNA BIO DATA MAIL PAR SEND KARE JISAME XII BA/BCOM/BSC AND PGDCA/O LEVAL AND OTHOR QUALIFICATION AND ADDRESS MOBILE NO, POSTING PLACE ETC HO

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दिनांक 30 जून 2013 आज भी कुछ ऑपरेटर जयपुर मे डेरा डाले हुए है और आप सभी से निवेदन है कि आप फण्‍ड की व्‍यवस्‍था जिलावार करके रखे और क्‍यो कि नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और विज्ञप्ति आने वाली है 2 या 3 दिन में इसलिये विज्ञप्ति के आते ही उसमे अगर हमारे साथ न्‍याय नही होता है या पोस्‍टे नही बढती है तो हमे माननीय न्‍यायालय मे जाना होगा जिसके लिये सबसे पहले फण्‍ड की आवश्‍यकता ही होगी इसलिये आप सभी रविवार को ही फण्‍ड इकठा करके जिला प्रतिनिधि के पास जमा करा देवे और सूचना मिलते ही फण्‍ड लेकर जयपुर या जोधपुर जो भी प्रदेश कार्यकारणी नर्णिय करे वहा प्रत्‍येक जिले से प्रतिनिधि पहुच जाये यह अन्तिम मौका है और आपको अपने लिये लडना है इसलिये अपना और अपने परिवार की सोचकर सभी व्‍यक्तिगत रूप से रूपये 1000/ प्रति डीईओ कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर जिला प्रतिनिधि द्वारा बिना मांगे ही जमा करा देवे यह किसी अकेला का काम नही है इसलिये अब सबको लडाई लडनी होगी


Date 29-6-2013 All Deo's Sabhi ko suchit kiya jata hai ki Deo ki poste nahi badi hai or Accountent, phs ya MMJRK etc ki site par poste badne ki suchana dekar ye log hume shant kar rahe hai jisase hum kuch bhi nahi kare or inki vaccency bina rukawat k nikal sake or agar aap abhi chup rahe to sayad humara bhagwan bhi kuch nahi kar sakte meri aapse ye last vinti hai ki aap aaj or kal me sabhi jilo me rupaye ikata karke  par district minimam Rs 5000/- Five Thousend Rupee only or Vigapty Me humari poste agar 2000 se upar nahi ho to Hume Court me jana padega iske liye sabse pahle Fund Ki vavastha honi chahiye agar poste nahi badti hai or hum court me nahi jate hai to bhir samjo aapka number nahi aayega meri ganit k hisab se 50 % Reservation me rah jayenge Baki me se 30% Female Resarvation me rah jayenge Or 10% placement Agency wale aa jayenge to aap khud socho 20% me aapka number aata hai ya nahi varna sabhi new job dundo agar aapke BA/BCOM/BSC me 70% ya isase upar Number hai to hi aapka selection NRHM ke parmanent oprator me ho sakta hai ok aap sabhi samjdar hai apna bhala bura aap khud soch sakte ho me isse jada kuch nahi kahna chahta ok bye Best of Luck Thanks 

नमस्‍कार, 

                आप सभी डाटा एन्‍टी ऑपरेटर्स, कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर, सीएमबीपीएल, आरसीएचओ, आईडीएसपी, डग वेयर हाउस एवं अन्‍य जो मेडिकल कॉलेज जिला हॉस्‍पिटल या मेडिकल वभिाग में कई भी लगे हुए हो आप सभी को मेरा साथ देने के लिये धन्‍यवाद मै अपनी आपकी पोस्‍टे नही बढावा सका एवं अब अगर कोई भी ऑपरेटर नियमित होने से वंचित होता है जिसकी नेतिक जिम्‍मेदारी लेते हुए अपने पद से त्‍याग पत्र् दे रहा हू और अब मै भविष्‍य मे भी कोई पद नही लेना चाहता हू आज से ही मै अपना त्‍यागपत्र् दे रहा हू प्रदेशाध्‍यक्षक सघर्ष समति की कार्यकारणी डीईओ सलाहकार एव अन्‍य जो भी पद एनआरएचएम मे मुझे दिये गये है मुझे खेद है कि मै आप सभी की पूरी तरह से मदद नही कर पाया और इसी लिये मै आज आप द्वारा सौपी गई सभी पदों से इस्‍तीफा दे रहा हूा आप सभी से मिले प्रत्‍यक्ष अप्रत्‍यक्ष सहयोग एवं मेरा साथ देने के लिये आभार एवं धन्‍यवाद 

 मुकेश जैन डीईओ

9829427938

9001990245

9414557650

7597867400


fदनांक 28 जून 2013 आज कुछ ऑपरेटर्स जयपुर गये और उन्‍होने सीएस पीएचएस आदि अधिकारीयो से वार्ता की जिसमें सभी अधिकारीयों ने डीईओ के पद बढाने से मना कर दिया और कहा कि नोटिफि‍केशन जारी हो चुका है और 2 से 3 दिन में नो‍टिुफिकेशन को पब्‍लिस कर दिया जायेगा और अब लगता है कि डीईओ की पोस्‍टे नही बढेगी तथा आधे से ज्‍यादा डीईओ बाहर हो जायेगे तथा मेरी तो सभी से यही राय है कि आप आज से ही नई नौकरी ढूढना शुरू कर दिजिये ा

               अब तो सभी डीईओ के पास अन्तिम मौका यही है कि आज ही रूपये इकठे कर किसी योग्‍य वकील से बात करो और हाईकोर्ट में याचिका दायर करे कि सीधी भर्ती के नियमानुसार कोई भी भर्ती में वर्तमान मे कार्यरत कार्मिको से दूगूनी पोस्‍टे निकालना आवश्‍यक है इसलिये या तो हमारी पोस्‍टे दुगुनी कि जाये या सीधी भर्ती द्वारा जो भी विज्ञप्ति जारी हुई है या होने वाली है उसे तुरन्‍त बन्‍द किया जाये तथा वर्तमान मे 1250 ऑपरेटर्स कार्य कर रहे है जबकि पोस्‍टे सिर्फ एनआरएचएम के लगे हुए डीईओ के पदों के बराबर निकाली गई है जो कि 755 है जो वर्तमान कार्यरत से भी आधी है जबकि नियमानुसार पोस्‍टे दुगुनी निकालनी चाहिये थी अत आप आज ही जिलास्‍तर पर ही पैसा इकठा करके हाईकोर्ट में केस लगाने की पूरी तैयारी रखे और सोमवार को केस दायर कर देवे अगर नोटिफिकेशन सोमवार या उससे पहले आ जाता है 


Date 22-06-2013 All Ceder ka notification Aaj Sham ya sunday ko aane ki sambhavana hai Or Deo ki poste nahi badai gai hai Baki ke ceder ki post bad gai hai kuch log jo Cevet ke liye Fund jama karne ki bat kar rahe hai unse nivedan hai ki hume Cevet se koi fayada nahi hai koki humari post nahi badi hai isliye Cevet lagane ka koi tuk nahi hai aap dusre ceder ke bahkave me nahi aaye or agar Vecancy par Ste lagta hai to lagne do koki vese bhi Deo ka 20 % ka hi Selection hoga isliye hume Cevet nahi lagani hai Or Cevet me kisi bhi prakar se Sath nahi dena hai Koki dusare Cedar DEO ko Humesha Sidi Banate rahe hai or Ab bhi Sidhi banana chahte hai Ab to Sambhal Jao or Kisi ke Bahkave me nahi aaye Ab to Notification ke bad Ste lagane ki Teyari Rakhani Hai


DATE 17-06-2013 KO PAPU CHODHARY KE NETRATAV ME KUCH DEO JAIPUR GAYE OR UNHONE SABHI OFFICER SE BAT KI LEKIN POSTE BADANE KI SAMBHAVANA KAM HI LAG RAHI HAI AGAR AAP SABHI AB BHI NAHI JAGE TO PLZ ABHI SE NAI JOB DUNDANA CHALU KAR DO YA IS LADAI JO PAPU JI, OM PRAKASH JI VISHNU MUKESH JAIN ANTIM RAJARAM  OR BHI APNE BHAI LAD RAHE HE USE JARI RAKNE KE LIYE PURA SAPORT KARE OR JAHA BHI JAB BHI JESE BHI BULAYE SABHI UPASTHIT HOVE OR ADHIK SE ADHIK SANKHA ME OR AAP SABHI SE MERY REQUEST HAI KI AAP FUND KI VYAVASTA KARE OR HAR JILE ME FUND IKATA KARE OR PARTEK JILE SE Rs - 5000/- JAIPUR YA SANGARS SAMITI KE SADSYO KE PAS JAMA KARWAYE YA PAPU JI KE ACCOUNT ME DALWAYE JISASE APNI LADAI JARI RAHE THIS IS LAST LANCH FOR ALL DEO, CO, COMPUTER OPRATOR FOR NRHM AND MEDICAL DEPARTMENT  


DATE 15 JUNE 2013 KO CM ASHOK GAHLOT KE CHITTORGARH PARVASH PAR SABHI DEO'S CO'S KI OR SE GYAPAN DEKAR DEO KI POSTE BADANE KA NIVEDAN KIYA  GAYA OR CM SE BAT KARANE PAR UNHONE GOL MOL JAWAB DIYA OR KAHA KI JAIPUR JAKAR OFFICER SE BAT KARUNGA OR SABHI DISTRICT KE DEO KO CHITTOR AANE KO KAHA GAYA THA LEKIN 6-7 DISTRICT SE HI DEO AAYE ISSE YAHI LAGATA HAI KI SAYAD UNHE HI PARMANENT HONA HAI BAKI DEO PARMANENT NAHI HONA CHAHTE ISLIYE YAHI AAKHARI MOKA THA ABHI BHI NAHI JAGE TO MUJE LAGTA HAI DEO KABHI NAHI JAG SAKTE KUMKARAN BHI JAG GAYA THA LEKIN TUM SABHI TO KUMKARAN KE BHI BAAP NIKLE PLZ AAP PAPU KA SAPORT KARE KO KI AAPKI NAHI JAGNE SE AB PAPU CHODHARY BHI THAK GAYA HAI PLZ AB TO JAGO BHAIYO.............................


Date 13-06-2013 dear all deo aaj lagbagh 35-40 deo hi ektrit ho paye. md madom Se Milne Per Unse Reqest ki gayi ki Post badhawe Lekin Unhone Apne Hath Me Kuch Nahi Hone Ki Bat Kah KAr Palla JAd Liya. sabhi adhikariyo se milne ke bad ye Niskarsh hai ki post 755 Se Jyada Nahi ho sakti hai adhikariyo ne kaha ki ab post badwani hai to cm sab se direct pressor dalwao warna vacancy 3-4 din me aa jayegi. agar 755 post hi rahti hai to mere dotso hamare karib 50 percent Dost bahar. ho jayenge. is liye sabhi se nivedan hai ki 15-06-2013 ko cm sab chittorgarh aa rahe agar 500 deo jisme sabhi parkar deo mmjrk,mndy,idsp...........etc hai yadi iktthe ho sakte ho to 15-6-2013 ko chittor subah 11:00 AM tak pahuche anytha information assitant ki taiyari kare ya dusri job ki talash kare. kyoki kuch bhi ho sakta hai. chittor aane per sirf ek hi baat rakhni hai permanant karo and post badhao. grade pay aadi ke bare me bat kar time west nahi kare. 15-06-2013 last chance for all deo kyonki agar ek bhi deo rahta hai to wo bhi apna bhai. sukh dukh ka sathi hai ho sakta hai aapke percent bahut acche ho lekin apne parivar and bhaiyo ke ujjwal bhawishya ke liye jarrur padhare.  pyaro yadi 7 aug 2013 tak apna sabhi kam nipat jata hai to thik nahi to aachar sahita ke badal bhi mansoon ke sath aa rahe hai sabhi thoda time nikalo kam jingi bhar karna hai.

gyapan jo CM Sahab ko dena hai  gyapan

दोस्‍तो बढे दुख्‍ा की बात है कि आप सभी को 13 जून 2013 को जयपुर आने हेतु निवेदन किया गया लेकिन बडे शर्म की बात है कि 6 जिलो से और 30 डीईओ/ सीईओ ही जयपुर पहुचे जिससे पता चलता है कि हम अपने भविष्‍य के प्रति कितने लापहवाह है और मेरा आपसे अन्तिम बार निवेदन है कि अगर आप शनिवार 15 जून 2013 को सभी जिलो से सभी ऑपरेटर चाहे वह सीएमबीपीएल का हो या एनआरएचएम का ब्‍लॉक सीएचसी का डग वेयर हाउस या आईडीएसपी या टीबी या अन्‍य किसी भी प्रकार से मेडिकल वभिाग में कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर का कार्य कर रहा हो वह 15 जून 2013 को प्रात 11 बजे किसी भी हाल में चितौडगढ पहुचे और शायद कुछ लोग अभी तक यह सोचते हे कि मेरे नही जाने से क्‍या फर्क पडता है बाकि सभी तो जा ही रहे है इसी सोच ने हमे सबसे पहले नियमित होने कि लाइन से सबसे अन्तिम लाइन मे पहुचा दिया है और यही सोच रही तो शायद हमे दूसरी नौकरी ढूढनी पडेगी, यह सभी डीईओ के लिये आ‍खरी मौका है अगर आप 500 या इससे ज्‍यादा संख्‍या मे आ जायेगे तो हमारी पोस्‍टे 755 प्‍लस 1848 यानि कि 2603 हो जायेगी जिससे हम सभी कम्‍प्‍यटर ऑपरेटर्स का नम्‍बर आ जायेगा अन्‍यथा सिर्फ 40 से 50 प्रतशित का ही सलेक्‍शन हो पायेगा बाकी बाहर हो जायेगे इसलिये मेरा सभी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर जो कि मेडिकल वभिाग मे लगे हुए है एक बार जरूर चितौडगढ पधारे और अपना एवं अपने भाईया का भविष्‍य अन्‍धकारमय होने से बचाये 


Date 12-6-2013 all Deo's I request Plz come to jaipur date 13-6-2013 Morning 8 AM CM House for Incresece our Post and Parmanet to All NRHM worker Aap sabhi Thursday ko adhik se adhik sankha me jaipu aaye or CM, CS, PHS, MD se milkar apni bharti ki sithi ki kya ho raha hai usaki sahi jankari karni hai or jesa ki accountent ki poste bad gai hai lekin DEO ki poste 755 hi rakhi gai hai jo badwane ke liye jaipur aana jaruri hai agar aap kal nahi aate ho or apni jaipur me sakha kam hoti hai or officer bat nahi sunte hai or poste nahi badti hai to samjo ki NRHM me abhi kam kar rahe DEO me se sirf 30% ka hi selection hoga baki 70% ko out kar diya jayega isliye aapke pas yah aakhri moka hai ab aapne dhokha diya to sabhi deo ka bhavish kharab ho sakta hai isliye plz come on jaipur 13-6-2013 and any quiry plz contect Papu Chodhary, Omprakash Sharma, Vishnu, Rajaram Chittor, Antim singal Bara Mukesh Chittor any any district parsident


Date 10-6-2013 Mr. papu chodhary Mr visnu sharma and other meet to Chife secetry PHS MD for NRHM  waha se mili jankari ke anusar DEO ki poste nahi badi hai or deo ki 755 post hi hai or unhone bataya ki IA ki 6300 poste bhi medical department ke liye hi nikali gai hai ab aapko apni poste badwani hai to CS mahoday par Presssor banao or DOIT se 1848 poste sidhi bharti se NRHM walo ko 30 bonus dekar bharne ki requvest karo or ab kuch nahi kiya to samjo aap to gaye isliye sabhi apne apne district me meeting karke kio nirnay leve wo bhi only 3 days nahi to apna kuch bhi nahi hoga pla call meeting and Storng to our satrent


दिनांक 22 मर्इ 2013 को चितौडगढ जिले में मुख्‍यमंत्र्ी महोदय के कार्यक्रम में डीईओ की ओर से ज्ञापन दिया गया जिसमें जल्‍दी भर्ती करने एंव पद बढाने हेतु निवेदन किया गया वहा पर उपस्थित अधिकारीयो से वार्ता करने पर पता चला कि आप डीईओ के पद बढा कर दुगुने कर दिये गये है और आप लोगो की प्रक्रिया चल रही है  और अतिशघ्रि आपकी विज्ञप्ति आने वाली है तथा भरोसा दिलाया कि आपकी भर्ती जून तक हो जायेगी और मे सभी डीईओ को धन्‍यवाद देना चाहता हू जो कि जहा भी मुख्‍यमंत्र्ी महोदय का कार्यक्रम होता है वहा पहुचकर सभी जिलो मे डीईओ द्वारा ज्ञापन दिये जा रहे हैा


दिनांक 14 मई 2013 भाईयो मुझे रोज के 50 से 60 फोन आते है कि हमारा क्‍या होगा, हमारी पोस्‍ट चेन्‍ज कर दी इसके लिये सीएम से मिलकर पुन पोस्‍ट एलडीसी बनाने का निवेदन करो, पेग्रेण्‍ड बढाओ, पोस्‍टे बढाओ, भर्ती में 12 की जगह स्‍नातक को लागु करवाये, आदि आदि लेकिन मेरा निवेदन है कि आप सभी को बता दू कि हमारे कहने से कुछ नही होता है और मुझे खेद है कि सबसे पहले बनने वाले सगठन में हम सभी जिलो को नही जोड सके ओर हमारे बाद बने सगठन हमसे कई अच्‍छा कार्य कर रहे है और अब मुझे यकीन हो गया है कि हम ऑपरेटर्स को सभी जिस अपने आप चाहिये और कोई भी इसके लिये सघर्ष नही करना चाहता और सभी यही सोचते है कि जो सभी का होगा वही अपना भी होगा लेकिन ऐसे रहने से कुछ भी हासिल होने वाला नही है आप यह मत सोचो की हमे क्‍या पोस्‍ट दी जा रही है बल्किी यह सोचो की हमे नियमित कब किया जायेगा अगर हमारा सगठन रहा तो हम पोस्‍ट बदलवाना का काम नियमित होने के बाद भी करवा सकते है इसलिये सरकार अभी जो भी पोस्‍ट देवे हमे मना नही करना चाहिये और ज्ञापन दिया है मुख्‍यमंत्र्ी महोदय और अधिकारीयों महोदयो को कि डीईओ की भतर्ी मे अनिवार्य योग्‍यता मेडिकल वभिाग मे 3 वर्ष का अनुभव कर दी जाये जिससे अभी लगे हुए सभी डीईओ सीओ को नियमित होने से वंचित नही होना पडे

  और मेरी आपसे प्रार्थना है कि जिस भी जिले में सीएम साहब जा रहे है यात्र्ा मे वहा सभी आपरेटसर् मिलकर ज्ञापन देवे कि हमारी भर्ती मे अनुभव को अनिवार्य योग्‍यता रखी जाये जिससे सभी का नम्‍बर आ सके और क्रिलीकल रिपोर्ट असिस्‍टेट का पद होने से  मेडिकल वभिाग मे अनुभव को अनिवार्य योग्‍यता बनाई जा सकती है अत श्रीमान मुख्‍यमत्र्ी एवं सभी अधिकारीयो से निवेदन करे ज्ञापन देवे फैक्‍स करे मेल करे और उन पर दबाव बनाये हमारा नोटिसीफिकेशन आने की सम्‍भावना 21 मई के बाद है क्‍यो कि जीएनएम की कट ऑफ 20 को आने की सम्‍भावना है अत पहले की भर्ती वालो की कट ऑफ आने के बाद ही कोई नई विज्ञप्ति आने की सम्‍भावना है

 


दिनांक 7 मई 2013 को जयपुर से मिले समाचार के अनुसार डीईओ की पोस्‍ट नेम चेन्‍ज कर एलडीसी से बदलकर क्रिनिकल रिपोर्ट असिस्‍टेट कर दी गई है और फाईल चल रही है और 10 से 12 दिन में नोटिसीफिकेशन आने की पूरी सम्‍भावना हैा तथा पे ग्रेण्‍ड मे किसी भी प्रकार का परिवर्तन नही किया गया है और फाईल मेडिकल वभिाग के पास आ गई है जिससे कुछ पोस्‍ट के कारण हो रही देरी अब नही होगी और सभी की विज्ञप्ति जल्‍द ही आने की प्रबल सम्‍भावना बन गई है

 

मेरे प्‍यारे दोस्‍तो दिनांक 3 मई 2013 को  जयपुर मे डीईओ  और अकाउन्‍टेन्‍ट केडर के कुछ लोग जयपुर मे पीएचएस महोदय एवं एमडी मेडम से मिले जिससे वो चिड गये और कहा कि आपकी भर्ती परीक्षा के द्वारा ही होगी लेकिन यह बात उन्‍होने परेशान होकर कही है क्‍यो कि सभी केडर से रोज कोर्इै ना कोई जाकर अधिकारीयो से मिलता है और अलग अलग बाते करता है जिससे वो भी नही जानते की आखिर सभी केडर चाहते क्‍या है कोई परीक्षा से भर्ती के लिये ज्ञापन देता है कोई भर्ती का बेस बीए को रखना चाहता है कोई 12 को तो कोई पीजीडीसीए को भर्ती मे मेरीट का आधार रखने की मांग करता है जिससे अधिकारी कन्‍फुज हो गये है और परेशान हो गये है इसलिये सभी को अपने प्रतिनिधियो का चयन कर उसका पत्र् अधिकारीयो को देना है कि आप सिर्फ इन्‍ह लोगो जो कि हमूारे द्वारा चुने गये प्रतिनिधि है और जिस पर यह सहमत हो जायेगे हम सभी वो बात मानेगे और कोई भी अलग अलग जाकर ज्ञापन नही देवे और सभी अपनी एक राय बनाकर और सभी के सुझावो के अनुसार ही ज्ञापन या मांग पत्र् देवे जिससे एक जेसी मांगे हो और सभी सगठित नजर आये

   और एक बात यह है कि उदिनांक 6 मई 2013 सोमवार को जयपुर नही आना है क्‍यो कि इस दिन सभी पेरामेडिकल आ रहे है जिससे उनके साथ हमरी बात दब जायेगी और अपने आने का मकसद भी पूरा नही होगा अत इसके लिये सभी अपने जिले के प्रतिनिधियो से विचार विमर्श करके सोमवार को छोडकर कोई अन्‍य दिवस चुने जयपुर चलने के लिये और उस बारे मे सभी पूरे राजस्‍थान मे सभी डीईओ को एक साथ जयपुर चलना होगा और एक साथ एक आवाज मे अपनी बात रखनी होगी जिससे सभी हमे गम्‍भीरता से लेवेा 

अत एक बार पून निवेदन हैू कि सोमवार को हमे जयपुर नही आना है और आगे जयपुर आने की तारखि का फैसला सभी जिला प्रतिनिधियो द्वारा करने के बाद ही जयपुर आना है और जिन्‍ह लोगो ने नरेगा मे एलडीसी पर कोर्ट मे केस किया उसका क्‍या हुआ उसकी जानकारी अपने ईमेल पर देवे


मेरे प्‍यारे साथियों आप सभी को पता ही होगा कि एनआरएचएम में कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर को एलडीसी बनाया जा रहा है और उसका नोटिशिफिकेशन भी मई के प्रथम सप्‍ताह में आने की पूरी पूरी सम्‍भावना है और हमे नोटिशिफिकेशन के आते ही सरकार द्वारा केवेट लगाने के साथ ही हमे भी केवेट लगानी है जिसके लिये एडवोकट से बात की जा रही है और इसके लिये हमे सभी जिले के ऑपरेटरर्स से प्रत्‍येक से 500/- '-{ पॉच सौ रूपये मात्र्} एकत्र्ित करके अपने अपने जिले में एनआरएचएम के डीईओ/सीओ के जिलाध्‍यक्ष के पास जमा करवाने है जिससे हमारी विज्ञप्ति आते ही हम केवेट लगा सके और इसी के साथ जो कम पोस्‍टों का खतरा जिससे कुछ लोगो के नियमित होने में परेशानी हो सकती थी उसका भी रास्‍ता मिल गया है क्‍यो कि एलडीसी की भर्ती प्रकिया से पहले सूचना सहायक की 6300 पोस्‍टे आ गई है जिससे हम एनआरएचएम वालो में से भी कुछ भाई जो मेरी राय मे 200 से 250 के लगभग डीईओ का चयन सूचना  सहायक में हो जायेगा जिससे बाकी के बचे सभी डीईओ सीओ का नम्‍बर एलडीसी मे आ जायेगा और कोई भी एनआरएचएम कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर नियमित होने से वंचित नही रहेगा फिर भी मेरी आपसे विनती है कि आप सभी सगठित रहे और सभी के साथ एक राय एव मत से कार्य करे जिससे सभी का भला हो सके अत- आप सभी आज से ही 500 रू का कलेक्‍शन कर अपने अपने जिले के प्रतिनिधि को दे देवे ा इसी के साथ मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप 45 दिन जो सूचना सहायक के परीक्षा मे बचे है उसकी तैयारी करे चाहे आपको अवकाश ही क्‍यो ना लेना पडे जिससे ज्‍यादा से ज्‍यादा एनआरएचएम ऑपरेटर्स का चयन इसमे हो सके जिससे एलडीसी भर्ती में हमारा एनआरएचएम का कोई भी भाई दोस्‍त बहिन नियमित होने से वंचित नही रहे इसके लिये मे आपको सूचना सहायक की परीक्षा 2011 का प्रश्‍न पत्र्  उत्‍तर सहीत इस साइट पर डाल रहा हू जिसे आप देखे और मेहनत करे इसके साथ ही आप सभी को   सूचना सहायक परीक्षा 2013 के लिये Best Of Luck


इन्‍फोमेशन असिस्‍टेन्‍ट का पुरने पेपर के लिये यहा क्लिक करे

सूचना सहायक पेपर 2011

सूचना सहायक परिक्षा 2011 पेपर

 

इन्‍फोमेशन असिस्‍टेन्‍ट की विज्ञप्ति जारी हो गयी है विज्ञप्ति देखने के लिये यहा क्लिक करे

Information Assistent Vigapti

 

 


DATE 22-4-2013 JAIPUR CHALO

ALL NRHM FRIENDS BED NEWS FOR US SPMU/DPMU DARA JAIPUR ME JAKAR PAY GRAD BADANE AND JAB TAK PAY GRED NAHI BADTI TAB TAK VIGYAPTI NAHI NIKALANE KE LIYE GYAPAN DIYA HAI OR ISLIYE SAYAD DEO ACCOUNTENT PHS AND OTHER CEDER KI VIGPTY ME DELE HO SAKTA HAI YA SAYAD AAYE HI NAHI ISLIYE MERA AAP SABHI SE ANURODH HAI KI AAP DATE 22-4-13 MONDAY KO MORNING ME 8 AM PAR CM HOUSE ADHIK SE ADIK SAKYA ME PAHUCHE OR SAYUKT RUP SE PHS ACC DEO AND OTHER GYAPAN DEVE OR VIGPTY JALDI NIKALANE KE LIYE GOVT PAR PRESSUR BANANA HAI SO

PLZ PLZ COME ON MONDAY 22-4-2013 8 AM CM HOUSE JAIPUR           


दिनांक 17 अप्रेल 2013 को डीईओ का प्रतिनिधि जयपुर में ओडीएस साहब पीएचएस मेडिकल एवं मुख्‍य सचिव साहब से मिले जिसमे उनका मिला जुली प्रतिक्रीया रही ा ओडीएस ने कहा की आपका काम हो रहा है और आपके पद बढाने पर भी कार्य किया जा रहा है प्रमुख शासन सचिव मेडिकल ने कहा कि वभिाग को जितनी आवश्‍यकता होगी उतने ही पदो पर भर्ती की जायेगी और हमे 755 एलडीसी की ही आवश्‍यकता है अत आपके पद बढने की सम्‍भावना कम ही है इससे लगता है कि पदो मे बढोतरी एव पेग्रड मे बढोतरी सम्‍भव नही है और फिर मुख्‍य सचिव महोदय ने कहा कि आपके रूल एवं रेगुलेशन बन रहे है और पदो मे बढोतरी एवं पे ग्रेड पर विचार किया जा रहा है



 

 

 

 

 

 


 

प्‍यारे दोस्‍तो इस अखबार के समाचार से जाहिर है कि एनआरएचएम में डीईओ की कोई भी पोस्‍ट नही है और सरकार डीईओ को नियमित नही कर रही है लेकिन विश्‍वस्‍त्र् सूत्र्ो से पता चला है कि डीईओ को पीएचएस के साथ मर्ज किया जा रहा है और डीईओ को भी पीएचएस ही बनाकर नियमित करने की प्रक्रिया जारी होगी लेकिन अब भी हम डीईओ नही जागे तो फिर तो शायद हमे चपरासी भी नही बनाया जायेगा अत- मेरी आपसे विनती है कि आप 1-2 दिन मे ही अपने जिले का प्रतिनिधि चुन कर मेल करे जिससे आगे की रणनीति बनाई जा सके इससे आगे मै आपको कुछ भी नही कहना चाहता आप खुद ही इससे आगे सोचो विचार करो और अगर मेरी बात सही लगे तो मेरे दिया गया सुझाव का उत्‍तर देवे धन्‍यवाद



दिनांक 1 अप्रेल 2013 को डीईओ विष्‍णु शर्मा सीकर नासीर अली टोक के नेतत्‍व में जयपुर गये और सीएम की जनसुनवाई रदद हो जाने से वो ओडीएस साहब से मिले तो उन्‍होने कहा कि आपका नोटिसीफिकेशन एक सप्‍ताह के अन्‍दर आने वाला है फिर सभी मुख्‍य सचिव महोदय सीके मेथ्‍यु साहब से मिले तो उन्‍होने कहा कि मे तो आपके वभिाग को कह सकता हू और आपके भर्ती प्रक्रिया के बारे में पीएचएस मेडिकल ही बता सकते है और उन्‍होने ज्ञापन पर मार्क करके पीएचएस दीपक उत्‍पेती को भिजवा दिया उसके बाद सभी प्रमुख शासन सचिव मेडिकल के पास गये तो उनका जबाव नकारात्‍मक था और उन्‍होने कहा कि आपकी प्रक्रिया मे अभी समय लगेगा और आपके अभी तक रूल एवं रेगुलेशन नही बने है वो बनने के बाद आपकी फाईल केबिनेट में जायेगी उसके बाद ही आपकी भर्ती प्रक्रिया के बारे में कोई निर्णय हो सकता है इस लिये आप बार बार यहा नही आवे तथा साथ ही कहा कि नि-शुल्‍क जॉच योजना मे डीईओ कि भर्ती इन्‍फोमेशन वभिाग ही लेगा जिसमे कोई वेटेज नही दिया जायेगा और वह भर्ती एक्‍जाम के द्ववारा ही होगी  

इस पर मेरा सुझाव यह है कि सरकार द्वारा हमारे बारे में कोईै स्‍पष्‍ट नर्णिय नही लिया गया है  और अगर अब भी हम अपनी ताकत नही दखिायेगे तो शायद हमारे साथ कुछ भी अच्‍छा होने की सम्‍भावना नही है  इसलिये मेरी तो आप सभी से यही निवेदन है कि आप सभी सगठित हो कर हडताल और कार्य का बहिस्‍कार ही करना होगा और वह भी पूरे राज्‍य में एक साथ सभी 33 जिलो से तथा इसके लिये एक रणनीति बनानी होगी जिसके लिये मेने आपसे बार बार कहा है और फिर कहता हू कि आप अपने जिले में डीईओ का एक प्रतिनिधि चुने और उसकी सूचना इस साइट पर देवे  जिससे कोई रणनीति बनाने हेतु सभी 33 जिलो से प्रतिनिधि की बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति पर विचार किया जा सके एवं सभी के सुझावों एवं एक राय से कोई नर्णिय लिया जा सके अगर आप अब भी सोते रहे तो  फिर आपका कुछ नही हो सकता  और आपके कोई सुझाव हो तो इस  साईट की गेसबुक या हमारे ईमेल पर मेल कर सुचित करेा

deo_rajasthan@yahoo.in

nrhmdeo@gmail.com


 

Monday Ko CM ki Jansunwai hai jisme Jada se jada Deo's ko aana hai 

               

आप सभी दोस्‍तो को होली की हार्दिक शुभकामना 

  मेरी ईश्‍वर से प्रार्थना है कि रंगो का यह त्‍योहार आप सभी की जिन्‍दगी मे नये रंग लाये एवं सभी की अगली होली परमानेट होने के बाद ही आये 

 हैप्‍पी होली यू एण्‍ड यूयर फेमीली    मुकेश जैन 

कल मुख्‍यमंत्र्ी महोदय की पुष्‍कर आगमन पर डीईओ प्रतिनिधि ने मुख्‍यमंत्र्ी को ज्ञापन दिया एवं विज्ञप्ति जल्‍दी निकालने की विनती की साथ ही जनप्रतिनिधि नसीम अक्‍तर को बोला गया की आप मुख्‍यंमत्र्ी से हमे नियमित एवं विज्ञप्ति जल्‍दी निकालने हेतु परसनल रूप से निवेदन करे और मुख्‍यमंत्र्ी से निवेदन किया कि आप अधिकारीयों पर प्रेसर करे और उन्‍हे आदेश देवे की बचे हुए सभी वर्गौ की विज्ञप्ति जल्‍दी निकाले

आज मेरी आप सभी से लास्‍ट एवं अन्तिम बार विनती है कि आप अभी तक भी सगठन बनाने में रूचि नही ले रहे हो और कुछ लोग और कुछ जिले ही अभी तक एक्‍टीव हुए है और वो ही जयपुर आ रहे है और बाकी के जिले वाले शायद अभी भी सोये हुए है और उनकी सोच है कि सबके साथ हमारा भी भला हो जायेगा लेकिन अपने लिये कुछ तो करना ही होगा मॉ भी अपने बच्‍चों को बिना मांगे रोटी नही देती है अत- आप सभी सगठीत हो जाये और अपने अपने जिले की डीईओ की लिस्‍ट अपडेट करके मेल करे और आप अपने जिले के डीईओ प्रतिनिधि का चयन कर अतिशघ्रि उसका नाम मोबाईल नम्‍बर पोस्‍टीग स्‍थान और फोटो आज ही मेल करे क्‍यो कि मेरी राय में सरकार एवं अधिकारीगण हमे लोलीपोप दे रहे है और अपना काम करवाने के लिये हमे एक बार फिर अपनी ताकत एवं यूनिटी दखिानी होगी जिसके लिये हमे हो सकता है हडताल भी करनी पड सकती है लेकिन हडताल करने के लिये सबसे पहले हमें सगठित होना होगा जबकी आज तक भी शायद 15 जिले से ज्‍यादा के डीईओ एकत्र्ित नही हुए है जबकि हडताल एवं सरकार पर दबाव डालने के लिये हमे पूरे राज्‍य मे एकसाथ कुछ रणनीति बनाकर कार्य कराना होगा अत मेरी आपसे विनती है कि आप जल्‍दी से जल्‍दी अपनी यूनिटी बनाये हो सकता है मार्च तक अगर हमरे लिये कोई सूचना नही आती है तो हमे अप्रेल से काम बन्‍द करना पड सकता है बिना काम बन्‍द किये हम सरकार को अपना महत्‍व एवं हमारे द्वारा किये जा रहे कार्य नही बता सकते है 

आपने कल दिल्‍ली का एनआरएचएम का मामले का तो पता होगा ही दिल्‍ली मे सभी एनआरएचएम कार्मिको ने काम बन्‍द कर हडताल करने और वधिान सभा पहुचे तो वधिानसभा चल रही थी फिर भी अन्‍दर से एक प्रतिनिधि मण्‍डल को बुलाया गया और खुद मुख्‍यमंत्र्ी महोदया ने उनसे बात की और अधिकारीयो से जानकारी लेकर उनकी प्रकिया के बारे में पता किया और आश्‍वासन दिया कि आपका काम जल्‍दी ही होग्ाा 

इसलिये मेरी राय है कि हम अधिकारीयो के पास जाये उससे अच्‍छा है कि हम अपनी ताकत दखिाये जिससे खुद पीएचएस एमडी और मुख्‍यमत्र्ी महोदय हमारे प्रतिनिधियो को बुलाकर बात करे और अब तक की प्रगति के बारे में बताये और लिखित में आश्‍वासन देवे कि कब तक हमारा काम होगा यह तभी सम्‍भव है जब हम काम करना बन्‍द करे और काम करना तभी बन्‍द कर सकते है जब हम पूरे राज्‍य में सभी डीईओ एक साथ मिलकर कोई एकमत से एक राय से कार्य करे इसके अलावा भी किसी का कोई सुझाव राय हो तो इस वेब के गेस्‍टबुक अथवा मेल पर भेजकर अवगत करावे 

 

सोमवार को डीईओ के एक प्रतिनिधि मण्‍डल ने जयपुर गया मुख्‍यमंत्र्ी महोदय की जन सुनवाई नही होने से मुख्‍यमंत्र्ी महोदय से मुलाकात नही हो सकी बाद में मुख्‍य सचिव से मिलने गये मुख्‍य सचिव ने कहा कि आपका काम हो रहा है और आपकी प्रक्रिया चल रही है और बहुत जल्‍दी ही आपकी विज्ञप्ति आने वाली है उनसे समय पूछने पर उन्‍होने कहा कि मार्च अन्‍त या फिर अप्रेल के प्रथम सप्‍ताह तक आपकी विज्ञप्ति आ जायेगी तथा कुछ डीईओ ने कोर्ट केस किया है जिससे नरेगा में बोनस अंक देने की बात हो रही है उसमें जोधपुर कोर्ट ने पेशी कि तारखि 20 मार्च 2013 दी है एवं जयपुर कोर्ट में 22 मार्च की तारखि दी है मेरी आपसे विनती है कि आज तक भी जिस जिले से प्रतिनिधि नही चुना है वो जल्‍द से जल्‍द चुनकर उसकी सूचना  मेल पर देवे और जिलेवार डीईओ की सूचना भी इस पेज पर डाल रखी है जिस जिले में कुछ अपडेट हो तो वो अपने जिले की सूचना अपडेट करके मेल deo_rajasthan@yahoo.in   Or   nrhmdeo@gmail.com पर देवे 


आज पाली जिले मे पीपलवास में मुख्‍यमंत्र्ी महोदय से कुछ डीईओ ने मुलाकात की एवं उन्‍हे ज्ञापन दिया कि हमे जल्‍दी से जल्‍दी नियमित किया जावे एव मुख्‍यमंत्र्ी पोजीटीव दि खे और उन्‍होने कहा कि एनआरएचएम एवं नरेगा का कोई भी कार्मिक नियमित होने से वंचित नही होगा मे सभी पाली के डीईओ को धन्‍यवाद देना चाहता हू और मेरी आप सभी से यही निवेदन है कि आप किसी भी जिले में मुख्‍यमंत्र्ी स्‍वास्‍थ्‍य मंत्र्ी आये तो उन्‍हे ज्ञापन अवश्‍य देवे जिससे हमारी प्रकिया जल्‍दी शुरू हो सके


आज विश्‍वस्‍त सूत्र्ो से सूचना मिली है कि ऑपरेटर्स एवं अकाउटेन्‍ट के लिये अलग से केडर बनाया जा रहा है एव उसकी भर्ती के लिये नियम एवं शर्ते बनाने का काम जारी है और मुख्‍य संचिव महोदय ने कहा है कि नियम व शतर्े बनते ही आपकी विज्ञप्ति जारी हो जायेगी और सचिव साहब ने बताया कि इसमें एनआरएचएम कार्मिको को बोनस व वरियता दी जायेगी तथा विज्ञप्ति अप्रेल के प्रथम सप्‍ताह में आने की सम्‍भावना व्‍यक्‍त की है ा


 

Monday date 11-3-2013 ko DEO's me Mukesh Jain, Rajaram Jat, Antim Singhal ne CS, PHC, ODS, MD, Directer Pubic healt se mile Sabhi Officers Positive rahe or CS CK Methu ne kaha ki Sabhi NRHM Worker Ko Bonus ka benifit Milenge or sabhi ki vecancy aane vali hai or ho sakta hi usame dele ho sakta hai  . CK methu sahb ne kaha ki sabhi DEO ko bonus marks diye jayenge. or unhone kaha ki DEO ki post medical mai hi rakhi jayegi.


AAL DEO I REQUEST TO U PLZ COME TO JAIPUR MONDAY 11-3-2013 CM HOUSE 8:00 AM AND MEET CM, HM, CS, PHS, PD, MD, AND OTHER RELETED OFFICER THANKING AND GIVE BONUS MARKS FOR 1848 INFORMATION ASSISTENT FREE CHACH YOJAN SO PLZ COME TO JAIPUR AND CALL MUKESH JAIN , PAPU CHODHARY, AMIT SINGAL, OM PRAKASH AND OTHER


यहा पर आप को सभी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर के नाम मोबाईल नम्‍बर ईमेल आदि अपलोड किये गये है आप से मेरी आपसे निवेदन है कि आप इसमे अपने जिले के नाम को अलग करके उसमे कोई भी अपडेट हो तो वो कर देवे जिसमे सभी ऑपरेटर सीएमएचओ अति सीएमएचओ खण्‍ड सीएचसी पीएचसी सीएमबीपीएल आदि के नाम व मोबाईल नम्‍बर जोड कर उसको पीडीएफ मे स्‍केन करके अतिशघ्रि भिजवाये जिससे इस साइट पर सभी के जिलेवार नाम व नम्‍बर अपलोड किये जा सके

NRHM DEO                   DWC CO


 

 आज मुझे एक पत्र् मिला जिसमे डीपीएम युनिट ने सभी केडर को सगठित रहने की अपील की है और एक मिटीग सोमवार को 11 बजेस्‍वास्‍थ्‍य भवन के बाहर रखी है वो लेटर मे यहा पर अपलोड कर रहा हू जिसे आप पढकर अपने विचार गेस्‍ट बुक या मेल द्वारा भिजवाये 

Appil to DPMU


आज विश्‍वस्‍त सूत्र्ो से पता चला है कि नि-शुल्‍क जॉच मे भर्ती होने वाले सूचना सहायको की भतर्ी इन्‍फोमेशन वभिाग द्वारा कि जायेगी और उसमे अभी तक बोनस अंक या वरियता देने हेतु कोई स्‍पष्‍ट निर्देश मेडिकल वभिाग से नही दिये गये है जिससे प्र‍तीत होता है कि इन्‍फोमेशन वभिाग परीक्षा के द्ववार ही भर्ती करेगा अत- मेरा आप सभी से निवेदन है कि जिस दिन मुख्‍यमंत्र्ी महोदय जी की जनसुनवाई हो उसमे कम्‍प्‍युटर ऑपरेटरर्स का एक प्रतिनिधि मण्‍डल सीएम साहब से मुलाकात करे और उनसे डीईओ की प्रक्रिया एवं बोनस अंक व वरियता देने हेतु सम्‍बन्धित वभिाग को अतिशघ्रि पत्र् लखिने का निवेदन करे और उनसे प्रार्थना करे कि विज्ञप्ति जारी होने से पूर्व सम्‍बन्धित वभिाग को बोनस अंक देने का पत्र् भिजवाये जिससे हमारे साथ कोई अन्‍याय नही हो पाये और मेरा निवेदन है कि कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर्स में कोई भी डीईओ का प्रतिनिधि बनकर अकेला किसी भी अधिकारी या वभिाग मे नही जाये और अपना सगठन मजबूत करते हुए सभी पप्‍पु चौधरी ओम प्रकाश अमित सघिल भा‍गीरथ और भी जो डीईओ सगठन मे अपना योगदान देता हो वह जयपुर मे सभी के साथ मिलकर कार्य योजना बनावे

 


 

 


 

 


आज सरकार ने मुख्‍यमंत्र्ी जाच योजना में कुछ पद स़र्जित किये है जिसमें सूचना सहायक के 1848 पद है जिसमें सरकार पर दवाब बनाकर वरियता एवं बोनस अंक व मेरिट के आधार पर सीधी भर्ती करने का निवेदन करना है और एनआरएचएम व एमएमजेआरके मे लगे हुए ऑपरेटरो को प्राथमिकता देने हेतु कहना है विज्ञप्ति के लिये नीचे दिये लिक्क पर क्लिक करेा

और एक बात है कि कोई भी किसी भी प्रकार से सगठन को तोडने एवं अपवाहो पर ध्‍यान नही देवे जयपुर में पार्क में आप सभी जिले के डीईओ की उपस्थिती में मिटीग हुई थी जिसमें पपु चौधरी या अन्‍य किसी से भी कोई मतभेद या कहा सुनी नही हुई है और सभी डीईओ एक है अत आप किसी भी अपवाह पर ध्‍यान नही देवे और सभी डीईओ सगठित रहे

सूचना सहायक के पद स़र्जन एमएनजेवाई


Date 4 मार्च 2013 आप सभी लोग बडी संख्‍या में जयपुर आये इसके लिये धन्‍यवाद इस बार बडी तादात में सभी वर्गो से लोग जयपुर पहुचे लेकिन आज जो लोग जयपुर आये उसमे एकता एवं प्रतिनिधित्‍व का अभाव साफ नजर आया सभी वर्ग अपनी अपनी ताकत व लडाई अलग अलग लडने के मुड मे दखि रहे थे डीईओ जब सीएम आवास पर पहुचे लेकिन वहा जनसुनवाई नही थी जिससे श्रीमान मुख्‍यमं.ी महोदय से मुलाकात नही हो सकी फिर भी डीईओ द्वारा ओएसडी साहब से मिले उन्‍होने कहा कि कुछ वर्गो की विज्ञप्ति इसी सप्‍ताह में आने वाली है जब उनसे वर्गो के बारे मे पूछा गया तो उन्‍होने डीईओ एवं अकाउन्‍टेट के लिये कहा और इसके बाद सभी स्‍वास्‍थ्‍य भवन के बाहर पार्क में मिटीग की गई जिसमें सभी वर्ग अलग अलग हो गये एवं सभी ने अपनी मिटीग अलग से कि आज डीईओ की संख्‍या व जिलो से प्रतिनिधित्‍व भी ज्‍यादा था  एवं आज डीईओ मे एकता नजर आई जिससे लगता है हमारा काम बहुत जल्‍दी हो जायेगा उसके बाद डीईओ ने आईटी वभिाग में गये और अपना ज्ञापन और दस्‍तावेज की कोपी उन्‍हे देकर अगर भर्ती आईटी वभिाग करता है तो उसमे बोनस अंक एवं वरियता देने का निवेदन किया जिस पर वो सकारात्‍मक जवाब दिया एवं कहा कि हम इसको आपके वभिाग मे भिजवा कर उनसे टिप्‍पणी लेगे और उस अनुसार ही प्रक्रिया जारी की जायेगीा उसके बाद सचिवालय गये लेकिन वहा पर प्रमुख शासन सचिव मेडिकल एवं आई टी निदेशालय मे मिटीग मे व्‍यस्‍त होने से मुलाकात नही हो सकी जिससे ज्ञापन उनके पीए महोदय को दिया गया लेकिन कोई जवाब नही मिल सका आज का दिन हमारे लिये मिला जुला रहा ा 

मेरा राय मे हमे अब सोमवार की बजाय किसी दूसरे दिन जयपुर मे आकर अधिकारीयो से मिलना होगा एवं सोमवार को जिस दिन जनसुनवाई होगी त‍भी आना है और आपसे एक निवेदन और हे कि आप अपने जिले की डीईओ की लिस्‍ट जिसमे नाम पद पदस्‍थापनस्‍थान एवं मोबाईल नम्‍बर हो को इस मेल पर स्‍केन करके अतिशघ्रि भिजवाये जिससे जिले वार डीईओ की सूचना इस साइट पर उपलब्‍ध करवाई जा सके एक बार पुन जयपुर आने के लिये धन्‍यवाद

 


ALL FRIEND AAP SABHI KO DATE 4-3-2013 KO JAIPUR AANA HAI OR SABHI MORNING ME 8.00 AM KO CM HOUSE K BAHAR MILE OR JO BHI DISTRICT SE DEO/CO/MMJRK COMPUTER OPRATOR AAYE VO SABHI SABSE PAHLE MUKESH JAIN SE SAMPARK KARE JISASE PATA CHALE KI KIS KIS DISTRICT OR KITAN DEO AAYE HAI

New for NRHM DEO TonkDEO Tonk News paper

 

Date 28-02-2013 ko Deo's Papu Chodhary ke sath CS Mathu Sahab se milaker Unse Nivedan kiya ki Hume Medical Department Me hi Rakha jave to Methu Sahab ne kaha ki aapko Medical Department me le liya gaya hai or Apaki Prosess me 1 se 2 Month lag sakte hai or aap prosess fast karana chate ho to PHS Medical par presser banaye rakho Thanks to Papu Chodhary  DEO apni uniun ko majbut banaye or district prrsident chun kar mail kare jisase usaka name photo mobile no. is web par pardarsit kiya ja sake

 

सभी कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर भाईयो

आज दिनांक 25 फरवरी सोमवार को कम्‍प्‍युटर ऑपरेटरो का एक प्रतिनिधि मण्‍डल जयपुर गया जिन्‍होने वहा पर मुख्‍यमंत्र्ी निवास पर गये लेकिन जनसुनवाई नही होने से मुख्‍यमंत्र्ी महोदय से मुलाकात नही हुई परन्‍तु हमने अपना ज्ञापन मुख्‍यमंत्र्ी निवास पर ओएसडी साहब को दिया और उनसे नियमितिकरण के बारे में जानकारी की तो उन्‍होने कहा कि आपको नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है और उसके लिये नियम कायदे कानून बन रहे है

       उसके बाद सभी राजकुमार शर्मा स्‍वास्‍थ्‍य मंत्र्ी से मिलने उनके निवास पर गये और उन्‍हे अपना नियमित करने का ज्ञापन देकर बात की तो राजकुमार जी ने कहा कि मै इस वषिय में दुरूमिया जी से बात करूगा उसके बाद हम स्‍वास्‍थ्‍य भवन पीएसएस व एमडी से मिलने गये तो वहा से पता चला कि पीएचएस महोदय सचिवालय में मिलेगे और एमडी मेडम 3 बजे मिलेगी ा

         उसके बाद हम सचिवालय गये और वहा पर मुख्‍य सचिव महोदय सी के मैथ्‍यु साहब से मिले तो वो हमरे प्रति पूर्णरूप से सकारात्‍मक थे और उन्‍होने कहा कि आपको मेडिकल में ही नियमित किया जायेगा और आपकी प्रक्रिया चल रही है और आपको जल्‍दी ही नियमित किया जायेगा और उन्‍होने परीक्षा के लिये भी मना किया और मेरिट आधार पर ही नियमित करने की बात कही और पीएचएस को फोन किया लेकिन उस वक्‍त उनसे बात नही हो सकी ा उसके बाद हम पीएचएस मेडिकल से मिले और उन्‍हे ज्ञापन दिया जिसमें उन्‍होने कहा कि आपकी फाईल चल रही है और आपकी भर्ती प्रक्रिया की फाईल चल रही है उन्‍हे पूछा की कब तक विज्ञप्ति जारी होगी इस बारे में उन्‍होने कोई स्‍पष्‍ट उत्‍तर नही दिया

         उसके बाद हम डीओ आईटी वभिाग में गये और वहा पर एक प्रतिनिधि जिसमे 3 लोगो से एडशिनल सचिव से मुलाकात की जिसमें उनसे निवेदन किया कि अगर हमारी भर्ती आपका वभिाग करता है तो हमें बोनस अंक और अनुभव के आधार पर वरीयता देवे उस पर उन्‍होने कहा कि आप मेडिकल वभिाग में अपनी मांग रखे और उनसे कहे कि वो इस वभिाग को पत्र् भेजे जिसमें आपको बोनस अंक एवं वरियता देना का लखिा हो एवं हमसे कहा कि आप एक पत्र् पीएचएस डीओआईटी को भी देवे जिसमें मेडिकल एवं अन्‍य वभिागो में बोनस अंक एवं सीधी भर्ती प्रकिया में अपनाई जा रही पदती के बारे में लेटर व अन्‍य जो भी दस्‍तावेज हो वो साथ में अटैच करके देवे जिससे आपको बेनिफिट दिया जा सके इसके लिये हमें अगले सोमवार को जयपुर चलना हैा  मेरी अब आपसे विनम्र निवेदन है कि आप सभी एक हो जाये और अपनी व्‍यक्तिगत बातो को छोडकर सभी डीईओ एक साथ रहे और पूरे राज्‍य का प्रतिनिधित्‍व हो सके इसके लिये आप सभी प्रत्‍येक जिले से कम से कम 2 डीईओ अवश्‍य आवें एवं पुन निवेदन है कि आप अपने जिले मे डीईओ का प्रतिनिधि चुन कर उसकी जानकारी मेल आईडी पर भिजवाये जिसमे नाम पद पदस्‍थापन स्‍थान मोबाईल नम्‍बर ईमेल एवं एक फोटौ भेजे जिससे उसे इस साइट पर उसकी जानकारी एवं अपनी प्रदेश कार्यकारणी की जानकारी अपलोड की जा सके और मै आपसे इक बात और कहना चाहता हू कि आप सभी जयपुर में आने पर एक साथ रहे इस सोमवार को भी 70 से 100 ऑपरेटर जयपुर आये लेकिन सभी आपस में नही मिले और सभी 15 से 20 के समूह में इधर उधर घूमते रहे जिससे हमे अपनी रणनिती बनाने का मोका ही नही मिला अत सभी से निवेदन है कि जयपुर आते ही सबसे पहले सभी एक नियत स्‍थल पर एकत्र्ित होवे और जिससे मिलना हो सभी साथ में जाये जिससे हमारी एकता प्रदर्शित हो और अधिकारीयाे एवं सरकार पर हमारा सकारात्‍मक असर हो ा सरकार हमरे पक्ष में है लेकिन हमे अधिकारीयो को अपनी भतीर् के लिये दवाब बनाना होगा जिससे हमे प्रत्‍येक सोमवार को उनसे मिलकर अपनी भावना व्‍यक्‍त करनी होगी जिसमे सभी जिलो का प्रतिनिधित्‍व आवश्‍यक है

      मुकेश जैन

प्रदेशाध्‍यक्ष

आल राजस्‍थान डाटा एन्‍टी ऑपरेटर्स

9829427938    9414557650

deo_rajasthan@yahoo.in       nrhmdeo@gmail.com

मेरे दोस्‍तो ,

    दिनांक 25 फरवरी 2013 को सभी एनआरएचएम केडर जो नियमित होने से रह गये है उन्‍ह सभी केडर बीपीएम लेखाकार डीईओ ब्‍लॉक सीएचसी एमएमजेआरके हेल्‍थ सुपरवाईजर ब्‍लॉक एव पीएचसी एवं अन्‍य जो एनआरएचएम व बीपीएल मे लगे हुए है उनकी बैठक जयपुर में श्रीमान मुख्‍यमंत्र्ी महोदय से मिलना स्‍वास्‍थ्‍य मंत्र्ी से मिलना मुख्‍य सचिव महोदय एमडी एनआरएचएम एवं अन्‍य अधिकारीयों से मिल कर अपनी बात उनके सामने रखना है जिससे हम सभी वर्गो को भी बीना परीक्षा के मेरिट व बोनस अंको के द्वारा नियमित किया जा सके अत- मेरी आप सभी केडर से अनुरोध है कि सोमवार को प्रात 8 बजे तक सभी केडर से प्रत्‍येक जिले से कम से कम 2-2 लोग अवश्‍य पहुचे जिससे हम सभी अपनी बात कह सके और प्रत्‍येक जिले का प्रतिनिधित्‍व भी हो सके और हर केडर की बात वहां पर की जा सके

 

मुकेश जैन

प्रदेशाध्‍यक्ष आल राजस्‍थान डाटा एन्‍टी ऑपरेटर्स

9829427938 9414557650

nrhmrajasthan@yahoo.in

nrhmdeo.wix.com/jain    nrhmdeo.hpage.in

मेरे प्‍यारे दोस्‍तो,

 

 

           मेरा आप सभी एनआरएचएम कार्मिको से अनुरोध है कि आप सभी अपने अपने जिले में सभी एनआरएचएम सविदा कार्मिको डीपीएम डीएएम डीएनओ जिला आशा कोडिनेटर बीपीएम लेखाकार डाटा एन्‍प्टी ऑपरेटर कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर सीएमबीपीएल के कम्‍प्‍युटर ऑपरेटर पीएचएस एवं अन्‍य जो भी एनआरएचएम में संविदा पर लगे हो वो सभी इस शनिवार दिनांक 23 फरवरी 2013 तक बैठक करे एवं प्रत्‍येक जिले में प्रत्‍येक केडर से एक एक प्रतिनिधि का चयन करके उसकी सूचना नीचे दिये गये मेल आईडी पर भिजवाये एवं सभी का अब एक ही नारा होना चाहिये अभी नही तो कभी नही इस लिये आप सभी आगे कि रणनीति बनाने के लिये आज से ही प्रयास शुरू कर देवे और मेरा अनुरोध है कि आप जो भी जयपुर या अन्‍य स्‍थान पर ज्ञापन देवे और सीएम पीएचएस एमडी या अन्‍य अधिकारी से मिले तो उसकी समस्‍त सूचना मेल आई डी पर भिजावे जिससे सभी को ताजा जानकारी से अपडेट करवाया जा सके और 1 सप्‍ताह के अन्‍दर आप सभी को एनआरएचएम का नया सगठन बनाना है जो कि सरकार पर दबाव डालकर सभी एनआरएचएम कार्मिको को नियमित करने हेतु मजबूर कर सके ा मेरी राय में आप सभी केडर 2 दिन के अन्‍दर अन्‍दर जिला स्‍तर पर मिटीग करे जिसमें जिला प्रतिनिधि का चयन करे एवं फण्‍ड प्रतिव्‍यक्ति 1000 रू इकठे करे उसके बाद सोमवार को जॉन स्‍तर पर मिटीग करनी है जिसमें सभाग प्रतिनिधि का चयन करना है एवं उसके बाद सभी को जयपुर में एक महारैली और मिटीग करनी है जिसमें अपना नया प्रतिनिधि कमेटी बनानी है जो सरकार से अपनी बात कर सके और आप सभी जिला स्‍तर संभाग स्‍तर या अन्‍य किसी भी स्‍तर पर मिटीग करे तो उसकी सूचना मेल आईडी पर अवश्‍य भिजवाये जिससे इस साइट से भी सभी को मिटीग एवं उसमे हुई कार्यवाही का पता सभी को चले और सभी आगे की रणनीति से अवगत रहै

 

 

 

                आप सभी से मेरा निवेदन है कि यह विचार मेरे है और आप भी अपने विचार इस मेल आईडी पर भिजावे जिससे सभी के विचारो से अच्‍छे विचारो का समावेश किया जा सके और अपनी रणनीती अच्‍छी बना सके और मेरा निवेदन है कि अब आप सिर्फ अपने केडर की बात छोडकर सभी केडर के लिये सघर्ष करने हेतु तैयार रहे अगर हम सरकार को अपनी ताकत 15 मार्च तक नही बता सके तो फिर हमारा कुछ भी नही हो सकेगा  अत- आप सभी आज से ही अपने सगठन को मजबूत करने में लग जावे और सरकारी कार्य से पहले स्‍वंय के लिये यानि सगठन के लिये समय देवे  जिससे सभी संविदा कार्मिको का भला हो सके जिसमे आप भी शामिल है

 

 

 

        मेरा आप से पुन निवेदन है कि अपने जिले मे होने वाली बैठक की कार्यवाही एवं चुने हुए प्रतिनिधियो की सूचना मोबाइल नम्‍बर मेल आई एवं पद सहित इस ईमेल पर अवश्‍य भिजवाये

 

 

 

मुकेश जैन

 

 डीईओ 

9829427938, 9414557650, 7597867400, 9001990245

nrhmdeo@gmail.com, deo_rajasthan@yahoo.in

 

       

 

9829427938mkgg

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